लाइव न्यूज़ :

गिरीश्वर मिश्र का ब्लॉग: भारतीय महिलाओं का सामाजिक यथार्थ और बढ़ती मुश्किलें

By गिरीश्वर मिश्र | Updated: December 8, 2022 15:34 IST

भारतीय समाज में जिस तरह से महिलाओं के खिलाफ हिंसा बढ़ रही है, वह महिलाओं के प्रति समाज की प्रतिबद्धता पर गंभीर सवालिया निशान खड़ा करती है। महिलाओं के खिलाफ हर तरह के अपराध बढ़ रहे हैं। न केवल उनकी सुरक्षा और सम्मान बल्कि उनके मूल अधिकारों की भी अक्सर अनदेखी की जाती है।

Open in App
ठळक मुद्देहमारे समाज में आरतों को दुर्गा, सरस्वती और लक्ष्मी के रूप में पूजा करने की अवधारणा रही हैलेकिन आज जिस तरह से समाज में महिलाओं के खिलाफ हिंसा बढ़ रही है, वह चिंता का विषय है मौजूदा दौर में न केवल महिलाओं की सुरक्षा-सम्मान बल्कि उनके मूल अधिकारों की भी अनदेखी हो रही है

इस तथ्य के बावजूद कि महिलाएं हमारे समाज का एक अभिन्न अंग हैं और कई महिलाएं घर और बाहर विविध जिम्मेदारियों को निभा रही हैं, उनकी स्थिति और अधिकारों को न तो ठीक से समझा जाता है और न ही उन पर ध्यान दिया जाता है। सतही तौर पर, महिलाओं के बारे में बहुत कुछ कहा जाता है और वादे अक्सर किए जाते हैं। वास्तव में महिलाओं का सम्मान एक पारंपरिक भारतीय आदर्श है और सैद्धांतिक रूप से इसे समाज में व्यापक स्वीकृति भी मिली है। उन्हें ‘देवी’ कहा जाता है।

हमारे समाज में आरतों को दुर्गा, सरस्वती और लक्ष्मी के रूप में पूजा जाता है और कई अवसरों पर इनकी स्तुति भी काफी धूमधाम से की जाती है। किसी भी शुभ कार्य या अनुष्ठान की शुरुआत गौरी और गणेश की पूजा से होती है। यह सब समृद्धि बढ़ाने और अधिक शक्ति प्राप्त करने की इच्छा को पूरा करने और अधिकतम क्षमता का एहसास करने के लिए किया जाता है लेकिन आज जिस तरह से महिलाओं के खिलाफ हिंसा बढ़ रही है, वह महिलाओं के प्रति समाज की प्रतिबद्धता पर गंभीर सवालिया निशान खड़ा करती है।

देश के किसी भी कोने से किसी भी दिन का अखबार उठा लें, उसमें महिलाओं की उपेक्षा और अत्याचार की खबरें प्रमुख रूप से उपस्थित रहती हैं। महिलाओं के खिलाफ हर तरह के अपराध बढ़ रहे हैं। न केवल उनकी सुरक्षा और सम्मान बल्कि उनके मूल अधिकारों की भी अक्सर अनदेखी की जा रही है।

यह परिदृश्य महिला को सक्षम और सशक्त बनाने की संभावनाओं पर गंभीरता से ध्यान देने की मांग करता है, विशेष रूप से ऐसे उपाय जो उन्हें समर्थ बनाने में मदद करते हैं। इसके लिए सामाजिक पारिस्थितिकी में सकारात्मक बदलाव जरूरी होगा जिसके भीतर महिलाओं का जीवन सन्निहित होता है।

ऐतिहासिक रूप से देखें तो हम पाते हैं कि महात्मा गांधी और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के नेतृत्व में देश के स्वतंत्रता संग्राम में भारतीय महिलाओं ने बड़ी संख्या में और कई तरीकों से भाग लिया है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद दृश्य बदल गया और उनकी स्थिति को गंभीरता से लेने के लिए बहुत कम प्रयास किए गए। महिलाओं की एक छोटी संख्या ऊपर की ओर बढ़ी, लेकिन उनकी संख्या नगण्य रही।

लोकतंत्र की भावना से जीवन जीने की स्वतंत्रता आज भी भारतीय महिलाओं की आबादी के एक बड़े वर्ग के लिए एक सपना है। उन्हें वह सामाजिक दर्जा नहीं मिल सका जिसकी वे हकदार हैं। जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा होने के बावजूद, जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की उपस्थिति और भागीदारी सीमित बनी हुई है। महिलाओं की स्वास्थ्य, भोजन और सुरक्षा जैसी बुनियादी जरूरतों को ठीक तरह से पूरा करना भी मुश्किल होता जा रहा है।

टॅग्स :महिलाएजुकेशनक्राइम
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टAligarh News: कलह, पैसा और कत्ल; बहन का खूनी तांडव, पैसों के लिए भाई की हत्या

क्राइम अलर्टबिहार के मुजफ्फरपुर जिले में ढाबा पर चल रहे सेक्स रैकेट के धंधे का पुलिस ने किया भंडाफोड़, देह व्यापार कराने के साथ बनाया जा था उनका अश्लील वीडियो

क्राइम अलर्टVIDEO: सिरफिरे आशिक की खौफनाक करतूत, बेंगलुरु में मॉडल पर जानलेवा हमला, पुलिस ने आरोपी को दबोचा

क्राइम अलर्टKarnataka: शादीशुदा महिला के प्रेमी संग भागने पर खौफनाक सजा, परिवार वालों ने खिलाया जहर, फिर शव को लगा दी आग

क्राइम अलर्टबिहार के किशनगंज जिले में पुलिस ने किया जिस्मफरोशी के धंधे को बेनकाब, 4 नाबालिग लड़कियों समेत कुल 9 युवतियों को कराया मुक्त

भारत अधिक खबरें

भारतसुप्रीम कोर्ट नहीं असम अदालत का रुख करें?, गलत आधार कार्ड जमा करने पर फटकार, पवन खेड़ा को झटका, बीजेपी ने कहा-भगोड़े की तरह छिप रहे हैं?

भारतकर्नाटक में BJP कार्यकर्ता की हत्या के मामले में कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी और 15 अन्य को आजीवन कारावास की हुई सज़ा

भारत1 अणे मार्ग से सुनहरी बाग रोड स्थित टाइप-8 श्रेणी का 9 नंबर बंगला?, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा

भारतनागपुर हीट वेव अलर्टः तापमान 43 डिग्री पार?, 18 अप्रैल को स्कूल, कॉलेज और कोचिंग क्लासेस बंद

भारतइलाहाबाद हाई कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का दिया आदेश, जानें क्या है पूरा मामला?