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ब्लॉग: चुनावी नतीजों के बाद अब और बढ़ेगा बाजार की तेजी का ग्राफ

By डॉ जयंती लाल भण्डारी | Updated: December 5, 2023 09:52 IST

चार राज्यों के विधानसभा चुनाव के परिणामों में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद बाजार मांग का ग्राफ और तेजी से बढ़ने का परिदृश्य उभरकर दिखाई दे रहा है।

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ठळक मुद्देचार राज्यों के विधानसभा चुनाव भाजपा की जीत के बाद बाजार में तेजी दिखाई दे रही हैएशिया-प्रशांत क्षेत्र के बाजारों की तुलना में भारत के बाजारों में तेजी से सुधार हो रहा हैइस समय देश की कंपनियों का मुनाफा बढ़ा है, घरेलू निवेश से शेयर बाजार में भी तेजी है

इन दिनों देश के शहरी और ग्रामीण बाजारों में बढ़ती मांग और बढ़ते बाजार उत्साह के संकेतक उभरकर दिखाई दे रहे हैं। 3 दिसंबर को चार राज्यों के विधानसभा चुनाव के परिणामों में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद बाजार मांग का ग्राफ और तेजी से बढ़ने का परिदृश्य उभरकर दिखाई दे रहा है।

गौरतलब है कि हाल ही में प्रकाशित एनआईक्यू इंडिया रिपोर्ट के मुताबिक ‘एशिया-प्रशांत क्षेत्र के बाजारों की तुलना में भारत में हाल के महीनों से बाजारों में तेज सुधार आगे बढ़े हैं। इस समय देश की कंपनियों का मुनाफा भी बढ़ गया है। घरेलू निवेशकों के दम पर शेयर बाजार लगातार बढ़ रहा है।

अक्तूबर 2023 में पाया गया कि भारतीय कंपनियों की ग्रोथ अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा है। हमारी कंपनियों का मार्केट कैप 4 ट्रिलियन का स्तर छूने जा रहा है। भारतीय कंपनियों के दुनिया के मार्केट कैप में चौथे स्थान की ऊंचाई पर पहुंचने के पीछे छोटी और मझोली फर्मों का बढ़ता दबदबा प्रमुख कारण है।

निश्चित रूप से जिस तरह देश के कोने-कोने के बाजारों में लगातार मांग में वृद्धि से बाजार में मुस्कुराहट का परिदृश्य उभरा है वह परिदृश्य आगे भी बने रहने की अनुकूलताएं दिखाई दे रही हैं। हाल ही में व्यापारियों के राष्ट्रीय संगठन कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने कहा कि देशभर में त्यौहारों के दौरान दीपावली तक खुदरा और स्थानीय बाजारों में अच्छी रौनक रही और 3.75 लाख करोड़ रुपए का रिकार्ड कारोबार हुआ है।

बाजारों में तेज सुधार से चालू वित्त वर्ष 2023-24 में सरकार की कुल कर प्राप्तियां बजट अनुमान से काफी अधिक रहने की संभावना है। उम्मीद है कि प्रत्यक्ष कर और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह में त्यौहार के महीनों में आई मौजूदा तेजी वित्त वर्ष के बाकी बचे महीनों में भी बनी रहेगी। इससे राजस्व प्राप्तियों के अनुमान को बढ़ाया जा सकता है।

वित्त वर्ष 2023-24 में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर का सकल संग्रह 10.45 फीसदी बढ़कर 33.61 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। इनमें से सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए कॉर्पोरेट और व्यक्तिगत आयकर से प्राप्त होने वाला राजस्व 10.5 फीसदी बढ़कर 18.23 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान लगाया है।

इसी तरह जीएसटी संग्रह 12 फीसदी बढ़ने का अनुमान लगाया गया है. चालू वित्त वर्ष में अक्तूबर में जीएसटी संग्रह 1.72 लाख करोड़ रुपए रहा। वस्तुतः इस समय देश में बढ़ती मांग के तीन प्रमुख आधार हैं। एक, महंगाई में नरमी. दो, बेरोजगारी के आंकड़े में हालिया गिरावट और तीन, सरकारी योजनाओं से लोगों के पास अधिक धन का प्रवाह। इन कारणों से ग्राहक अधिक खर्च करने के लिए प्रेरित हुए हैं।

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