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Bihar News: सभी शिक्षक को सरकारी नौकरी!, प्राइवेट स्कूलों को नहीं मिले रहे टीचर, 2024 बोर्ड परीक्षा से पहले प्रबंधन परेशान

By एस पी सिन्हा | Updated: November 27, 2023 16:34 IST

Bihar News: स्कूलों में बच्चों को 2024 बोर्ड की तैयारी करवाई जा रही है, उन्हें नए शिक्षकों के लिए इंतजार करना होगा या फिर जैसे-तैसे तरीके से अपना कोर्स पूरा करना होगा।

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ठळक मुद्देशिक्षकों की बहाली के बाद सीबीएसई स्कूलों में विषयवार शिक्षक नहीं मिल रहे हैं।2024 की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर शिक्षकों के मांगे गए रिकॉर्ड से यह सामने आया है। कई जिलों  में सीबीएसई मान्यताप्राप्त स्कूलों को छोड़कर कई शिक्षक चले गए हैं।

पटनाः बिहार में बड़े पैमाने पर की गई शिक्षकों की बहाली का असर राज्य के प्राइवेट स्कूलों में देखने को मिला रहा है। सूबे के कई प्राइवेट स्कूलों में कई विषयों के लिए योग्य शिक्षक नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ी समस्या यह है कि जिन स्कूलों में बच्चों को 2024 बोर्ड की तैयारी करवाई जा रही है, उन्हें नए शिक्षकों के लिए इंतजार करना होगा या फिर जैसे-तैसे तरीके से अपना कोर्स पूरा करना होगा।

बताया जा रहा है कि शिक्षकों की बहाली के बाद सीबीएसई स्कूलों में विषयवार शिक्षक नहीं मिल रहे हैं। ओएसआईएस (ऑनलाइन एफलिएटेड स्कूल इनफॉर्मेशन सिस्टम) पर 2024 की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर शिक्षकों के मांगे गए रिकॉर्ड से यह सामने आया है। बीपीएससीसी शिक्षक नियुक्ति के तहत कई जिलों  में सीबीएसई मान्यताप्राप्त स्कूलों को छोड़कर कई शिक्षक चले गए हैं।

ऐसे में अब बोर्ड ने सभी जिलों को 30 नवंबर तक खाली पदों पर नियुक्ति कर नाम भेजने का आदेश दिया है। कई बड़े स्कूल ऐसे हैं, जहां से 13-14 शिक्षकों की नियुक्ति बीपीएसएसी के तहत हुई है। सीबीएसई स्कूल संगठन के सचिव सतीश कुमार झा ने बताया कि कक्षा 1-5वीं और 9-12वीं में प्राइवेट स्कूलों में शिक्षकों के कई पद खाली हो गए हैं।

बड़ी संख्या में साईंस विषय के शिक्षकों की कमी हो गई है। सबसे अधिक कमी 1-5वीं और 9-12वीं में है। 9-12वीं में फिजिक्स, मैथ, केमेस्ट्री में दर्जनों स्कूल में पद खाली हो गए हैं। विभिन्न स्कूल के शिक्षकों ने कहा कि ऊपर की कक्षाओं में पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं मिल रहे हैं।

बता दें कि सीबीएसई में न सिर्फ केवल बोर्ड परीक्षाओं की कॉपी जांच को लेकर बल्कि बोर्ड के नियम के अनुसार भी सेक्शन और छात्रों की संख्या पर शिक्षकों का अनुपात तय है। अधिकांश स्कूलों में यह अनुपात गड़बड़ा गया है। ऐसे में बोर्ड के निर्देशानुसार 30 नवम्बर से पहले नई नियुक्ति कर रिपोर्ट अपलोड कर देनी है। ऐसा नहीं करने वाले स्कूल जांच के घेरे में होंगे।

टॅग्स :बिहारपटनाटीचर एलिजिबिलिटी टेस्टनीतीश कुमार
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