सुप्रीम कोर्ट भारत का सर्वोच्च न्यायिक फोरम है। सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के अतिरिक्त 30 अन्य न्यायमूर्ति होते हैं। जिनके पास संविधान समीक्षा समेत अनेक शक्तियां होती हैं। सुप्रीम कोर्ट के पास किसी संबैधानिक मसले पर स्वतः संज्ञान लेने की भी शक्तियां होती हैं। भारत की सुप्रीम कोर्ट भारत की राजधानी नई दिल्ली में स्थित है। सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा हैं।भारत के संविधान के चैप्टर पांच के पांचवें भाग द्वारा निर्धारित संवैधानिक निकाय है। इसकी स्थापना 26 जनवरी 1950 में हुई थी। जैसा कि भारतीय संविधान द्वारा कहा गया है, सुप्रीम कोर्ट का काम संविधान के रक्षक के तौर पर काम करना है, संघीय सरकार के प्राधिकार द्वारा स्थापित अदालत और अपील के लिए यह सबसे ऊपरी अदालत है। Read More
Collegium System: एनजेएसी अधिनियम और संविधान (99वां संशोधन) अधिनियम, 2014 से उच्च न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्ति में कार्यपालिका को बड़ी भूमिका प्रदान की गयी थी। ...
दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा, राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह और गौहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संदीप मेहता को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के लिए केंद्र में पदोन्नत करने की सिफारिश की ...
अंजुमन इंतजामिया मस्जिद समिति ने उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा एकल न्यायाधीश पीठ से मामले को वापस लिए जाने और इसे किसी अन्य पीठ को सौंपे जाने को चुनौती दी थी। यह मामला अब उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर की अध्यक्षता वाली ए ...
AAP leader Raghav Chadha: उच्चतम न्यायालय ने निलंबित राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मिलकर प्रवर समिति के मुद्दे पर बिना शर्त माफी मांगने को कहा। ...
आर. वेंकटरमणि ने शीर्ष न्यायालय में चुनावी बॉन्ड योजना को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई से पहले केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि देश की जनता को राजनीतिक दलों को चंदा कौन देता है, यह जानने का अधिकार नहीं है। ...
17 अक्टूबर को, सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने से इनकार कर दिया था और कहा था कि इसके लिए कानून बनाना संसद पर निर्भर है। मामले की सुनवाई करते हुए पांच जजों की संविधान पीठ ने सर्वसम्मत फैसले में कहा था कि शादी करना कोई मौलिक अधिक ...
राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा ने विपक्षी नेताओं के कथित फोन हैकिंग विवाद में कहा कि यह बेहद गंभीर विषय है और इस मामले में सुप्रीम कोर्ट को सीधे स्वतः संज्ञान लेकर मामले की तह तक पड़ताल करानी चाहिए। ...