सुप्रीम कोर्ट भारत का सर्वोच्च न्यायिक फोरम है। सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के अतिरिक्त 30 अन्य न्यायमूर्ति होते हैं। जिनके पास संविधान समीक्षा समेत अनेक शक्तियां होती हैं। सुप्रीम कोर्ट के पास किसी संबैधानिक मसले पर स्वतः संज्ञान लेने की भी शक्तियां होती हैं। भारत की सुप्रीम कोर्ट भारत की राजधानी नई दिल्ली में स्थित है। सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा हैं।भारत के संविधान के चैप्टर पांच के पांचवें भाग द्वारा निर्धारित संवैधानिक निकाय है। इसकी स्थापना 26 जनवरी 1950 में हुई थी। जैसा कि भारतीय संविधान द्वारा कहा गया है, सुप्रीम कोर्ट का काम संविधान के रक्षक के तौर पर काम करना है, संघीय सरकार के प्राधिकार द्वारा स्थापित अदालत और अपील के लिए यह सबसे ऊपरी अदालत है। Read More
उप राष्ट्रपति माइक पेंस और डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से उन्हें चुनौती देने वाली सीनेटर कमला हैरिस बुधवार को उटाह की सॉल्ट लेक सिटी में उप राष्ट्रपति पद के लिए होने वाली बहस को लेकर पूरी तरह से तैयार हैं। ...
प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबड़े, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन की पीठ ने इस घटना को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया। ...
हाथरस कांड पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार 6 अक्टूबर को अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई की। चीफ जस्टिस एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस घटना को हृदय विदारक और अभूतपूर्व करार देते हुये कहा कि वह यह सुनिश्चित करेगी कि इस मामले की जांच सुचारू ढंग से हो। सु ...
उत्तर प्रदेश के हाथरस में 19 साल की लड़की के साथ कथित गैंगरेप के बाद हुई हत्या के मामले को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनावई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार से सवाल पूछा कि आखिर रातोंरात पीड़िता का शव जलाने की जरूरत क्यों महसूस हुई। इ ...
उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि इस मामले को जातिगत / सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश हो रही है। सरकार के अनुसार सुबह हिंसा भड़कने की आशंका थी और इसलिए रात में अंतिम संस्कार कराया गया। ...
Hathras case in Hindi: याचिका में जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के वर्तमान या रिटायर्ड जज से कराने की मांग भी की गई है। दिल्ली निवासी सत्यमा दुबे, विकास ठाकरे, रुद्र प्रताप यादव और सौरभ यादव ने यह याचिका दाखिल की है। ...
भारत सरकार की तरफ से वित्त मंत्रालय द्वारा दिए गए एक हलफनामे में कहा गया कि किस्त स्थगन की अवधि के दौरान ब्याज पर ब्याज के संबंध में खास श्रेणियों में सभी कर्जदारों को राहत मिलेगी, चाहें उन्होंने किस्त स्थगन का लाभ उठाया हो या नहीं। ...