Jabalpur Cruise Accident: मौत भी नहीं जुदा कर पाई ममता; एक-दूसरे को थामे मिले मां-बेटे के शव, क्रूज दुर्घटना की सबसे दर्दनाक तस्वीर

By अंजली चौहान | Updated: May 1, 2026 13:37 IST2026-05-01T13:35:09+5:302026-05-01T13:37:01+5:30

Jabalpur Cruise Accident: माँ अपने बच्चे को बचाने की आखिरी कोशिश में उसे कसकर पकड़े हुए मिली।

Jabalpur Cruise Accident bodies of mother and son were found holding each other image of cruise accident | Jabalpur Cruise Accident: मौत भी नहीं जुदा कर पाई ममता; एक-दूसरे को थामे मिले मां-बेटे के शव, क्रूज दुर्घटना की सबसे दर्दनाक तस्वीर

Jabalpur Cruise Accident: मौत भी नहीं जुदा कर पाई ममता; एक-दूसरे को थामे मिले मां-बेटे के शव, क्रूज दुर्घटना की सबसे दर्दनाक तस्वीर

Jabalpur Cruise Accident: मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक क्रूज बोट हादसे में कई लोगों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में अब भी कई लोग लापता है जिनका रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस दौरान बचाव दल ने आज सुबह एक मां और उसके चार साल के बेटे का शव निकाला जो एक-दूसरे से लिपटे हुए थे। मां ने बच्चे को बचाने की अपनी आखिरी कोशिश में उसे कसकर अपने सीने से लगाया हुआ था। वे दिल्ली से आए चार पर्यटकों के एक परिवार का हिस्सा थे। पिता और बेटी इस भयानक हादसे से बच निकलने में कामयाब रहे, जिसमें अब तक नौ लोगों की जान जा चुकी है।

एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि जब अचानक मौसम खराब हुआ और तेज आंधी चलने लगी, तो उसकी पत्नी, सास और पोता "पलक झपकते ही नजरों से ओझल हो गए।" उन्होंने कहा, "बोट का संतुलन बिगड़ने लगा था और देखते ही देखते उसमें पानी भरने लगा।" उन्होंने बताया, "किसी को समझ नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है। हर तरफ चीख-पुकार मची थी... बोट डूब रही थी और लोग मदद के लिए गुहार लगा रहे थे।" उन्होंने आगे कहा, "मैं भी डूब रहा था। ऐसा लग रहा था कि अब मैं नहीं बचूंगा।"

शख्स ने कहा, "जब मैं पानी के अंदर था और जिंदा रहने के लिए संघर्ष कर रहा था, तो मैं एक ऐसी जगह फंस गया जहां सिर्फ मेरा सिर पानी से ऊपर था। मैं सांस तो ले पा रहा था, लेकिन करीब दो घंटे तक वहीं फंसा रहा। मैं अपने पास से शवों को तैरते हुए देख सकता था। खुशकिस्मती से, बचाव दल की नजर मुझ पर पड़ी और मेरी जान बच गई।"

अधिकारियों ने शुक्रवार सुबह तक 24 लोगों को सुरक्षित बचा लिया है। बचाए गए लोगों में से 17 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि पांच बच्चों सहित नौ अन्य लोग अभी भी लापता हैं।

खोज और बचाव कार्य के लिए टीमें - जिनमें स्थानीय पुलिस, जिला अधिकारी और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के जवान शामिल हैं - तैनात कर दी गई हैं और वे बाकी लोगों को बचाने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही हैं।

क्रूज के कैप्टन महेश पटेल, जिन्होंने लाइफ जैकेट पहनी हुई थी, इस हादसे में सुरक्षित बच गए। 

कैसे हुए हादसा?

मौसम संबंधी आंकड़ों से पता चला कि शाम करीब 6 बजे हवा की गति बढ़कर 60-70 किमी प्रति घंटा हो गई, जिससे पानी में हालात खराब हो गए। अधिकारियों का मानना ​​है कि इन तेज़ हवाओं ने जहाज़ का संतुलन बिगाड़ दिया, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। कैप्टन मदन पटेल उन लोगों में शामिल थे जिन्हें लाइफ जैकेट की मदद से बचाया गया, और एक अन्य यात्री को बाद में बचाया गया।

जीवित बचे लोगों ने आरोप लगाया कि लाइफ जैकेट तभी बांटे गए जब नाव डूबने लगी थी, जिससे घबराहट के माहौल में उनका इस्तेमाल करने के लिए बहुत कम समय बचा था। राज्य सरकार ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं और मृतकों के परिवारों के लिए 4-4 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है।

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