रामविलास पासवान का जन्म बिहार के खगड़िया में 1946 में हुआ था। देश के प्रमुख दलित नेताओं में अपनी पहचान बनाने वाले एलजेपी नेता का निधन 9 अक्टूबर 2020 को 74 साल की उम्र में हो गया। वह पहली बार 1969 में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी की टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए। वह आठ बार लोकसभा के सदस्य चुने गए और कई बार हाजीपुर संसदीय सीट से सबसे ज्यादा वोटों के अंतर से जीतने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। Read More
पटना साहिब सीट से बागी नेता शत्रुघ्न सिन्हा का टिकट कटना तय माना जा रहा है. यहां से केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, आरके सिन्हा व उनके पुत्र ऋतुराज भी प्रबल दावेदार हैं. ...
केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि यह सबका साथ-सबका विकास बजट है। इसमें सभी वर्गों की बेहतरी का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि बजट में सामाजिक सेक्टर पर विशेष फोकस किया गया है। बजट बहुत संतुलित है और गांव, गरीब और किसान को अपना हक मिलेग ...
2014 में भाजपा के साथ हाथ मिलने से पहले पासवान कांग्रेस के सहयोगी थे और वह 1989 से जनता दल, कांग्रेस और भाजपा के नेतृत्व वाली कई सरकारों में रहे है। ...
उल्लेखनीय है कि इससे पहले इस मामले को लेकर रामविलास पासवान की बेटी आशा पासवान ने भी उनका विरोध कर चुकी है। आशा पासवान ने पिता द्वारा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता राबडी देवी पर की गई टिप्पणी को लेकर विरोध जताते हुए माफी की मांग की थी। ...
केंद्रीय मंत्री एवं लोजपा के संस्थापक अध्यक्ष रामविलास पासवान के बेटे चिराग ने पिछले महीने उस वक्त भी ऐसी टिप्पणियां की थी जब भाजपा को राजस्थान, मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा था। ...