भारतीय संसद का मॉनसून सत्र 2018 18 जुलाई से प्रारम्भ होकर 10 अगस्त तक चलेगा। सदन के के कुल 24 दिनों के इस सत्र में कुल 18 दिन सदन की बैठक होगी। सदन के इस सत्र में कुल 48 मामले पेश होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार इस दौरान 46 विधेयक और दो वित्तीय विधेयक पेश करेगी। इस सत्र में तीन तलाक़, मेडिकल एजुकेशन बिल और ट्रांसजेंडर बिल जैसे महत्वपूर्ण विधेयक पेश होने वाले हैं। Read More
संसदीय कामकाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा प्रश्नकाल होता है. वहीं पर मंत्रियों की जवाबदेही देखने को मिलती है. इस सत्र में, प्रश्नकाल हटा दिया गया. सत्ता पक्ष की अयोग्यता को उजागर करने का विपक्ष के पास जो एकमात्र मौका था, उसे कतर दिया गया. ...
राज्यसभा के चेयरमैन एम वेंकैया नायडू ने सदन के आठ सदस्यों को उनकी अनुशासनहीनता के लिए निलंबित कर दिया है। इनमें डेरेक ओ ब्रायन (टीएमसी), संजय सिंह (आप), राजू सातव (कांग्रेस), केके रागेश (सीपीएम), रिपुन बोरा(कांग्रेस), डोला सेन (टीएमसी), सैय्यद नासिर ...
तत्कालीन केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर एक टीवी चैनल को साक्षात्कार देते हुए कह रही हैं कि किसानों को भड़काने की बात की जा रही है उनमें भ्रम फैलाया जा रहा है कि मोदी सरकार जो तीन ऑर्डिनेंस ला रही है उससे किसानों का बहुत बड़ा नुकसान होगा। ...
राहुल ने यह बात देश भर के किसानों से वीडियो के ज़रिये बात चीत करने के बाद कही। कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक विभिन्न राज्यों के किसानों से रूबरू होते हुए राहुल ने पूछा कि सरकार ने जो कृषि क़ानून बनाया है उसके बारे में वे क्या सोचते हैं। ...
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने इसका दुरुपयोग किया है। सरकार ने किसानों को धोखा दिया। आज देश भर में किसान अपना समान जला रहे हैं। लेकिन मोदी सरकार पर कोई असर नहीं है। जनता जल्द ही इसका जवाब देगी। पंजाब, राजस्थान सहित देश भर में किसान सड़क पर उतर गए हैं ...
SAD नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि अगर मैंने इस्तीफा दिया है तो मैंने गवाया है कुछ पाया नहीं। इस इस्तीफे के साथ किसानों का मुद्दा सेंटर में आ गया। आपने देखा कि कैसे संसद एक हफ्ता पहले ही स्थगित करनी पड़ी। ...
संपादकीय में कहा गया है, ‘‘जब बादल (राजग से) हटे तो उन्हें रोकने की कोई कोशिश नहीं की गयी। इससे पहले शिवसेना भी राजग से हटी। इन दोनों हटने के बाद राजग में अब बचा क्या है? जो अब भी गठबंधन में हैं उनका क्या हिंदुत्व से क्या कोई लेना देना है?’’ ...
भारत लौटने के बाद 1917 में महात्मा गांधी के नेतृत्व में पहला आंदोलन चंपारण के किसानों का संघर्ष था. चंपारण के किसान स्थानीय जमींदारों और ब्रिटिश कंपनी के साथ कृषि समझौते के तहत नील (इंडिगो) की खेती करते थे, जिनकी उपज का भारत से निर्यात किया जाता था. ...