नवरात्रि यानी 'नौ-रात'। हिन्दू धर्म में ये त्योहार वर्ष में चार बार आता है-चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघ। चैत्र में चैत्र नवरात्रि और अश्विन में इस पर्व को शारदीय नवरात्रि के नाम से जाना जाता है। इन दो नवरात्रि से ठीक पहले गुप्त नवरात्रि आते हैं, जिन्हें गुप्त एवं तांत्रिक साधनाओं के लिए जाना जाता है। लेकिन हिन्दू परिवारों में चैत्र और शारदीय नवरात्रि का महत्व है और इसे ही विशेष रूप से मनाया जाता है। Read More
मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान कुछ विशेष कार्यों को नहीं करना चाहिए। आज हम आपको बताएंगे कि नवरात्रि के दौरान आपको कौनसे 9 कार्यों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए। ...
इस बार हिन्दू व्रत एवं त्योहारों की दृष्टि से अक्टूबर का महीना खास होने वाला है। दरअसल इस महीने नवरात्रि, दशहरा, और करवा चौथ जैसे महत्वपूर्ण व्रत त्योहार पड़ रहे हैं। ...
अष्टमी और नवमी तिथि पर मां महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा के बाद कन्याओं को घरों में बुलाकर भोजन कराने का विशेष महात्म है। नवरात्रि में नौ कन्याओं को भोजन करवाना चाहिए क्योंकि 9 कन्याओं को देवी दुर्गा के 9 स्वरुपों का प्रतीक माना जाता है। ...
मां कात्यायनी की पूजा गोधूली वेला के समय पीले या लाल वस्त्र धारण करके करनी चाहिए। मां कात्यायनी को पीले फूल और पीला नैवेद्य अर्पित करें। इनको शहद अर्पित करना विशेष शुभ होता है। ...
नवरात्र सीजन में बायर्स ज्यादातर कर लेना पसंद करते हैं, क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक घर लेना शुभ माना जाता है। इस चीज को ध्यान में रखते हुए डेवलपर्स अपने ग्राहकों के लिए आकर्षक ऑफर या उपहार लाते हैं। ...
नवरात्र के दिनों में देवी के नौ रूपों की उपासना की जाती है। स्कंदमाता को मां दुर्गा का पांचवा रूप मानते हैं। बताया जाता है कि जो भी भक्त माता की सच्चे मन से अराधना करता है उसे ज्ञान और मोक्ष की प्राप्ति होती है। आइए आपको बताते हैं क्या है माता का स्व ...
चैत्र नवरात्र में एक दिन घर में कमल पर बैठी मां लक्ष्मी की तस्वीर लाना शुभ होता है। अगर उनके हाथों से धन वर्षा हो रही हो तो यह और भी अच्छा माना जाता है। गरीबी मिट जाती है। ...