मौलाना मसूद अजहर आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का सरगना है। मसूद का जन्म पाकिस्तान के बाहावलपुर में 1968 को हुआ था। इसके कुल ग्यारह भाई-बहनों है। अजहर को सबसे पहले 1994 में श्रीनगर में गिरफ्तार किया गया था। 2000 में मौलाना मसूद अजहर ने जैश-ए-मोहम्मद नाम के आतंकी संगठन की स्थापना की। 2001 में भारतीय संसद पर हमला हुआ। इसके पीछे जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर का ही हाथ था। Read More
वित्त मंत्री जेटली ने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर कंग्रेस और उनकी पार्टी में अंतर स्पष्ट रूप से दिखता है। संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध समिति ने पाकिस्तान से संचालित होने वाले संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को बुधवार को ...
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा, ‘‘ मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित किया जाना किसी खास घटना पर आधारित नहीं है बल्कि हमने संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध समिति के सदस्यों के साथ विभिन्न आतंकवादी हरकतों से उसक ...
व्हाइट हाउस ने कहा है कि आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वैश्विक आतंकवादी घोषित किया जाना पाकिस्तान से आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने और दक्षिण एशिया में सुरक्षा एवं स्थिरता कायम करने की अंतरराष्ट् ...
पाकिस्तान में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को आखिरकार बुधवार (एक मई) को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने वैश्विक आतंकवादी घोषित कर दिया। अजहर का आतंकवादी समूह 2000 में अस्तित्व में आया था। ...
Syed Akbaruddin: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के राजदूत सैयद अकबरुद्दीन ने मसूद अजहर को वैश्विक आंतकी घोषित किए जाने के बाद दिया एमएस धोनी का उदाहरण, जानिए वजह ...
2009, 2016 और 2017 में मसूद अजह को बैन कराने में असफल होने के बावजूद भारत ने कूटनीतिक कोशिशें जारी रखी। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि अकबरुद्दीन का कहना है, 'मैं एमएस धोनी के अप्रोच में भरोसा रखता हूं। किसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए ...