चन्द्रग्रहण उस खगोलीय घटना को कहते हैं जब चंद्रमा पृथ्वी से ठीक पीछे उसकी प्रच्छाया में चला जाता है। इस दौरान सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा एक ही क्रम में लगभग सीधी रेखा में आ जाते हैं। विज्ञान के इतर हिन्दू धर्म में ज्योतिष शास्त्र की चन्द्रग्रहण की अपनी एक परिभाषा है जिसके अनुसार चंद्रमा के आगे राहु-केतु नाम की खगोलीय बिंदु बन जाती है। राहु-केतु ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक छाया ग्रह हैं। इनके प्रभाव से व्यक्ति विशेष पर बुरा असर पड़ता है इसलिए शास्त्रों में ग्रहण से बचने के लिए विभिन्न उपाय दर्ज हैं। Read More
इस ग्रहण को भारत समेत यूरोप, अफ्रीका, एशिया और ऑस्ट्रेलिया में देखा जा सकेगा। इस ग्रहण के दौरान ही पंचाग के अनुसार हिंदी माह माघ की भी शुरुआत होगी। ...
भारत में चंद्र ग्रहण 10 जनवरी की रात 10.32 बजे से लेकर 11 जनवरी रात 2.42 बजे तक रहेगा। इस समय देश के कुछ शहरों में देखा जा सकेगा जिनमें दिल्ली और कोलकाता भी शामिल है। अगर आप अपने स्मार्टफोन से चंद्र ग्रहण को कैमरे में कैद करना चाहते हैं तो हम आपको कु ...
ऐसा माना जाता है कि हर ग्रहण का व्यक्ति के जीवन और स्वास्थ्य पर अच्छा या बुरा प्रभाव जरूर पड़ता है। मान्यता है कि चंद्र ग्रहण के दौरा प्रदूषित किरणें स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालती है ...
Lunar Eclipse (Chandra Grahan) 2020: धार्मिक विषयों से जुड़े जानकारों के अनुसार दरअसल ये मात्र उपछाया चंद्र ग्रहण है। कई जानकारों के अनुसार उपछाया चंद्र ग्रहण को शास्त्रों में ग्रहण की श्रेणी में नहीं रखा गया है। ...
भारत समेत इस चंद्रगहण को यूरोप, अफ्रीका, एशिया और ऑस्ट्रेलिया में भी देखा जा सकेगा। 10 जनवरी 2020 को इस साल आने वाले साल 2020 में कुल 6 ग्रहण लगने वाले हैं। ...
Lunar Eclipse: चंद्र ग्रहण का सूतक 9 घंटे और सूर्य ग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले शुरू हो जाता है। मान्यता है सूतक काल में किसी भी तरह का शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। ...
Lunar Eclipse Live Streamin: भारत में चंद्र ग्रहण का स्पर्श मध्य रात्रि के बाद रात एक बजकर 31 मिनट से शुरू होकर चार बजकर 30 मिनट तक रहा। ग्रहण रात को तीन बजकर एक मिनट पर पूरे चरम पर था। ...