हिन्दू पंचांग के अनुसार एक साल में कुल 24 एकादशियां पड़ती हैं। सभी एकादशियों में भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण निर्जला एकादशी का व्रत है। इसके करने से सभी एकादशियों का फल साधक को मिलता है। ऐसी भी मान्यता है कि निर्जला एकादशी को महाभारत काल में पांडु पुत्र भीम ने किया था। इसलिए इसे भीम एकादशी भी कहते हैं। Read More
Pausha Putrada Ekadashi 2022: पौष पुत्रदा एकादशी को वैकुण्ठ एकादशी और मुक्कोटी एकादशी भी कहा जाता है। ये व्रत संतान की प्राप्ति के लिए मुख्य तौर पर किया जाता है। ...
धार्मिक मान्यता के अनुसार, सफला एकादशी व्रत रखने वाले जातकों को हर काम में सफलता मिलती है, उनकी समस्त प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है और व्रती को भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है। ...
यह तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है। इस दिन विधि-विधान के साथ उनकी पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि जो कोई सच्चे मन से इस व्रत को करता है। उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। ...
धार्मिक मान्यता है कि जो व्यक्ति यह व्रत करता है उस पर जगत के पालनहार भगवान विष्णु जी की विशेष कृपा बरसती है। व्रती को मोह माया से छुटकारा मिलता है और वह अंत में वैकुंठ लोक प्राप्त करता है। ...