अशोक गहलोत: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे। 3 मई 1951 को जोधपुर में जन्मे अशोक गहलोत कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट यूनियन से जुड़कर अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। छात्र राजनीति से गहलोत राजस्थान कांग्रेस में आए और पार्टी के प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद तक पहुंचे। गहलोत 1980 में पहली बार लोक सभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचे। 1998 में वो पहली बार राजस्थान के मुख्यमंत्री बने थे। Read More
राजस्थान प्रदेश के बजट में किसानों और युवाओं को लेकर तो गहलोत सरकार ने कई घोषणाएं की है, अब रोटी, रोजी और रहवास के मोर्चे पर आगे बढ़ते हुए स्वायत्त शासन, नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री शांति कुमार धारीवाल ने विधानसभा में कहा कि जिन आवासीय कॉलोनियों का अ ...
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि भाजपा अभी शीर्ष की ओर है लेकिन यदि वे अपने चुनावी वादों को पूरा करने में असफल हुई तो पुनः उनकी उपेक्षा होगी क्योंकि हर ऊपर जाने वाली चीज को नीचे आना होता है। यही विधि का नियम है। ...
अशोक गहलोत ने कहा, ‘‘ये लोग लोकतंत्र को खत्म करने का खेल खेल रहे हैं। इनका बस चले तो हिंदुस्तान भर में यही काम करेंगे और कोई काम तो है नहीं इनके पास। देश की अर्थव्यवस्था चौपट हो रही है, युवाओं में आक्रोश पैदा हो रहा है। किसान आत्महत्या कर रहे हैं। इन ...
बेरोजगारी भत्ता, हजारों भर्तियां, स्वरोजगार के लिए आसान ऋ ण जैसे ऐलान तो सरकार पहले ही कर चुकी है, अब यदि बेरोजगारों को प्रतियोगी परीक्षाओं में आने-जाने के लिए सरकार रोडवेज में मुफ्त यात्रा का अवसर देती है तो सरकार पर करीब सौ करोड़ प्रतिवर्ष का आर्थि ...
उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस राजस्थान की सभी 25 सीटें हार गई थी और इसकी बड़ी वजह यह मानी जा रही है कि नए और युवा मतदाताओं को जोड़ने में कांग्रेस कामयाब नहीं रही थी. ...
रिपोर्ट के अनुसार पिछली सरकार के दौरान सरकारी भूमि की निगरानी के लिए भूमि के डेटाबेस की कोई केन्द्रीयकृत व्यवस्था नहीं रही थी और 5 तहसीलो में 1.78 लाख वर्ग मीटर भूमि पर अतिक्रमण चिन्हित होने के बाद भी उसे अतिक्रमण रजिस्टर में दर्ज नहीं किया गया। ...
प्रदेश में उद्योगपतियों और व्यापारियों ने आयकर विभाग की नजरों से बचने के लिए अपने कामधंधों के लिए तो बैंक से लोन ले रखा है, लेकिन संपत्ति नौकरों के नाम करा रखी है। ...
यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति की 6 जुलाई को अजरबेजान की राजधानी में हुई बैठक में जयपुर के परकोटा क्षेत्र को विश्व धरोहर का दर्जा दिया गया था। इसके लिए 21 में से 16 सदस्यों ने सहमति जताई। इसका एक बड़ा कारण विश्व पटल पर भारत की बढ़ती साख भी है। ...