अजीत डोभाल भारत के पांचवें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) हैं। साल 2014 में उन्हें इस पद पर नियुक्त किया गया। डोभाल इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के प्रमुख रह चुके हैं। अजीत डोभाल का जन्म 20 जनवरी 1945 को उत्तराखंड के पौड़ी में हुआ था। साल 1968 में वो भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में सेलेक्ट हुए। केरल कैडर के आईपीएस डोभाल को 1972 में आईबी में डेप्यूट किया गया। आईबी से वो 2005 में संस्था के चीफ के पद से रिटायर हुए। आईबी में अपने दो दशकों लम्बे करियर में डोभाल ने पंजाब, कश्मीर और पाकिस्तान तक में खुफिया जासूस के रूप में काम किया है। साल 2009 में उन्होंने डोभाल ने विवेकानंद इंटनेशनल फाउण्डेशन की स्थापना की। नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा एनएसए नियुक्त करने से पहले तक वो विवेकानंद फाउण्डेशन के प्रेसिडेंट थे। Read More
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और उत्तर पूर्वी दिल्ली में हालात पर उनके साथ चर्चा की । उत्तर पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा में 22 लोगों की मौत हो चुकी है। ...
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल दूसरी बार उत्तर पूर्वी दिल्ली के डीसीपी के कार्यालय पहुंच कर हालात का जाएजा लिया। मंगलवार रात को भी डोभाल ने दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक और नव नियुक्त विशेष आयुक्त एस एन श्रीवास्तव व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों क ...
Delhi violence: उत्तरपूर्वी दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में भड़की सांप्रदायिक हिंसा में शामिल लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करने और उन्हें गिरफ्तार करने की मांग करने वाली एक याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने पुलिस से बुधवार दोपहर तक जवाब मांगा है। ...
डोभाल रात करीब साढ़े 11 बजे सीलमपुर स्थित उत्तर पूर्वी दिल्ली के डीसीपी दफ्तर पहुंचे। यहां बैठककर उन्होंने शहर में सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा की। ...
केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू-कश्मीर में यह बाबा अमरनाथ की पहली वार्षिक यात्रा होगी। अमरनाथ यात्रा को शुरू करने का फैसला श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड की शुक्रवार को हुई बैठक में लिया गया जिसकी अध्यक्षता उपराज्यपाल जीसी मुर्मू ने की। ...
विदेश मंत्री एस जयशंकर श्रीलंका का दौरा करने वाले पहले विदेशी गणमान्य व्यक्ति थे। राजपक्षे ने पदभार संभालने के बाद अपने पहले विदेश दौरे के लिये भारत को चुना था। ...
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘आतंकी डीएसपी दविंदर को खामोश करने का सबसे अच्छा तरीका है कि मामले को एनआईए के हवाले कर दिया जाए।’ उन्होंने दावा किया, ‘‘एनआईए का नेतृत्व एक और मोदी-वाईके कर रहे हैं जिन्होंने गुजरात दंगों और हरेन ...