लाइव न्यूज़ :

जबरन सेक्स या ऐनल सेक्स किए जाने पर पत्नी दे सकती है पति को तलाक: हाई कोर्ट

By भाषा | Updated: June 9, 2018 13:33 IST

महिला ने आरोप लगाया था कि अपनी कामवासना को पूरा करने के लिए उसका पति उसे अक्सर पीटता था और अप्राकृतिक यौन संबंध बनाता था।

Open in App

चंडीगढ़, 9 जून: पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने व्यवस्था दी है कि जीवनसाथी से ‘‘जबरन यौन संबंध बनाना ’’ और ‘‘अप्राकृतिक तरीके अपनाना’’ तलाक का आधार हैं। उच्च न्यायालय ने हाल में बठिंडा निवासी एक महिला की उस याचिका को स्वीकार कर लिया जिसमें उसने लगभग चार साल पुरानी अपनी शादी को खत्म करने का आग्रह किया था। 

इससे पहले निचली अदालत ने उसकी याचिका को खारिज कर दिया था। निचली अदालत ने कहा था कि यह साबित करना महिला का काम है कि उसके पति ने उसकी इच्छा के विपरीत उससे अप्राकृतिक मैथुन किया। अदालत ने कहा था कि महिला ने किसी चिकित्सा साक्ष्य या किसी खास उदाहरण का उल्लेख नहीं किया है। 

न्यायमूर्ति एम एम एस बेदी और न्यायमूर्ति हरिपाल वर्मा की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा , ‘‘हमें लगता है कि याचिकाकर्ता के दावे को गलत तरीके से खारिज किया गया है। ’’ 

इसमें कहा गया, ‘‘गुदा मैथुन, जबरन यौन संबंध बनाने और अप्राकृतिक तरीके अपनाने जैसे कृत् , जो जीवनसाथी पर किए जाएं और जिनका परिणाम इस हद तक असहनीय पीड़ा के रूप में निकले कि कोई व्यक्ति अलग होने के लिए मजबूर हो जाए , निश्चित तौर पर अलग होने या तलाक का आधार होंगे। ’’ 

बिहार: शराब-तंबाकू के बाद अब खैनी पर लगेगा बैन, नीतीश सरकार ने केंद्र को भेजा प्रस्ताव

महिला ने आरोप लगाया था कि अपनी कामवासना को पूरा करने के लिए उसका पति उसे अक्सर पीटता था और अप्राकृतिक यौन संबंध बनाता था। उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि महिला द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। 

अदालत ने कहा कि ये आरोप किसी प्रामाणिक साक्ष्य से साबित नहीं किए जा सकते क्योंकि इस तरह के कृत्य किसी अन्य व्यक्ति द्वारा नहीं देखे जाते या हमेशा चिकित्सा साक्ष्य से प्रमाणित नहीं किए जा सकते। 

इसने कहा , ‘‘इस बारे में कोई संदेह नहीं है कि इस तरह के आरोप लगाना बहुत आसान और साबित करना बहुत कठिन है। ’’ उच्च न्यायालय ने कहा कि किसी भी अदालत को इस तरह के आरोप स्वीकार करने से पहले हमेशा सतर्क रहना चाहिए , लेकिन साथ में मामले की परिस्थितियों को भी देखा जाना चाहिए।

कर्नाटकः सरकार ने टूट-फूट से बचने का निकाला फॉर्मूला, 'रोटेशन प्लान' से हर दो साल में बदले जाएंगे मंत्री

इसने कहा कि रिकॉर्ड में उपलब्ध परिस्थितियां संकेत देती हैं कि याचिकाकर्ता ने असहनीय परिस्थितियों में वैवाहिक घर छोड़ा। अदालत ने कहा , ‘‘ वर्तमान मामले में स्थापित क्रूरता मानसिक होने के साथ ही शारीरिक भी है। ’’ इसने कहा कि तलाक के आदेश के जरिए शादी खत्म की जाती है।

टॅग्स :पंजाब समाचारतीन तलाक़
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टBihar News: शौहर ने बेगम को व्हाट्सएप पर दिया 'तीन तलाक', ससुरालवालों ने हलाला कराने का बनाया दबाव

क्राइम अलर्टBhiwandi: दहेज में बुलेट मोटरसाइकिल न लाने पर महिला को दिया गया तीन तलाक, पति और ससुराल वालों के खिलाफ केस दर्ज

क्राइम अलर्टTriple Talaq: संभल हिंसा को रोकने में पुलिस कार्रवाई की प्रशंसा करने पर शौहर ने बीवी को दिया 'तीन तलाक'

क्राइम अलर्टअयोध्या: मुस्लिम महिला ने की पीएम मोदी और सीएम योगी की तारीफ तो पति की घरेलू हिंसा, दिया तीन तलाक, VIDEO

क्राइम अलर्टRajasthan: रहमान ने कुवैत से फोन पर पत्नी को दिया तीन तलाक, पाक महिला से शादी कर उसे लाया भारत, जयपुर एयरपोर्ट से गिरफ्तार

भारत अधिक खबरें

भारतWeather Today: आज बाहर निकलने से पहले देख लें वेदर अपडेट! दिल्ली में हीटवेव तो बेंगलुरु में बारिश की संभावना

भारतईमानदारी के अभाव में शातिर बन जाती है समझदारी

भारत"सरकार हर आयोजन को सड़क पर करा रही है": सड़कों पर नमाज को लेकर सीएम योगी पर अखिलेश का पलटवार

भारतUjjain: श्री महाकाल मंदिर सभा मंडप में सफाई कर्मी महिला को कुत्ते ने काटा

भारत'चंद दिनों के बलात्कार और दुष्कर्म के चंद आंकड़े दे रहा हूँ': नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आंकड़े जारी कर सम्राट सरकार पर बोला तीखा हमला