लाइव न्यूज़ :

कौन हैं महादेव जानकर?, कांग्रेस ने महानगर पालिका और जिला परिषद चुनावों के लिए किया गठजोड़, कौन कितने सीट पर लड़ेगा

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: December 24, 2025 19:56 IST

महाराष्ट्र में बृह्नमुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) सहित 29 महानगर पालिकाओं के चुनाव के लिए मतदान 15 जनवरी 2026 को होना है।

Open in App
ठळक मुद्देजिला परिषद चुनावों का औपचारिक कार्यक्रम अभी घोषित नहीं किया गया।समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ हाथ मिलाने की इच्छुक रही है।सपकाल ने जानकर को बहुजन समुदाय की सशक्त आवाज बताया।

मुंबईः महाराष्ट्र में आगामी महानगर पालिका और जिला परिषद चुनावों के लिए कांग्रेस ने धनगर समुदाय के नेता महादेव जानकर के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय समाज पक्ष (आरएसपी) के साथ गठबंधन की बुधवार को घोषणा की। जानकर और कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि दोनों दल संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट हो रहे हैं। हालांकि, उन्होंने सीट बंटवारे के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। महाराष्ट्र में बृह्नमुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) सहित 29 महानगर पालिकाओं के चुनाव के लिए मतदान 15 जनवरी 2026 को होना है।

वहीं, जिला परिषद चुनावों का औपचारिक कार्यक्रम अभी घोषित नहीं किया गया है, लेकिन उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार चुनाव 31 जनवरी से पहले संपन्न कराए जाएंगे। सपकाल ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ हाथ मिलाने की इच्छुक रही है।

उन्होंने जानकर के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘जिस तरह कांग्रेस और राष्ट्रीय समाज पक्ष ने नगरपालिका और पंचायत चुनावों के दौरान कई क्षेत्रों में मिलकर काम किया था, उसी तरह वे नगर निगम और जिला परिषद चुनाव भी एक साथ लड़ेंगी।’’ सपकाल ने जानकर को बहुजन समुदाय की सशक्त आवाज बताया।

उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र और संविधान को कमजोर किया जा रहा है। सपकाल ने कहा, “ऐसी स्थिति में समान विचारधारा वाली पार्टियों ने साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है।” हालांकि, सपकाल ने कहा कि नगरपालिका चुनावों के दौरान कांग्रेस और राष्ट्रीय समाज पक्ष के बीच किसी औपचारिक गठबंधन की घोषणा नहीं की गई थी,

लेकिन दोनों पार्टियों ने सतारा, सांगली, मराठवाड़ा और विदर्भ जैसे क्षेत्रों में एक साथ चुनाव लड़ा था। जानकर ने कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन छत्रपति शिवाजी महाराज, शाहू महाराज, महात्मा फुले और डॉ. बीआर आंबेडकर की विचारधारा से प्रेरित है। उन्होंने सपकाल की बात को दोहराते हुए कहा कि संविधान और लोकतंत्र को बचाना सीटों की संख्या से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है।

टॅग्स :महाराष्ट्रकांग्रेसमुंबईराहुल गांधीचुनाव आयोग
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबार12 ज्योतिर्लिंगों में से एक भीमाशंकर मंदिर पर खर्च होंगे 172.22 करोड़ रुपये, महाराष्ट्र सरकार ने 6 तीर्थ और विरासत स्थलों के लिए 993 करोड़ रुपये मंजूर

भारतमुंबई और अहमदाबाद के बीच भारत की पहली बुलेट ट्रेन की पहली झलक सामने आई

भारतमहाराष्ट्र के पालघर में शादी के परिवार को ले जा रहे एक ट्रक की दूसरे ट्रक से टक्कर, 12 की मौत, 20 से ज़्यादा घायल

भारतकेरल सीएम सतीशन का पहला आदेश: महिलाओं के लिए मुफ़्त बस यात्रा, आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में ₹3,000 की बढ़ोतरी

भारतकौन हैं वडास्सेरी दामोदर मेनन सतीशन?, परावुर सीट से 2006, 2011, 2016, 2021 और 2026 में जीत हासिल की?

भारत अधिक खबरें

भारत'भारत अब नक्सल-मुक्त है': अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में उग्रवाद के खात्मे की घोषणा की

भारतMadhya Pradesh: खेलते‑खेलते कार में बंद 4 साल की बच्ची की मौत, दो घंटे तक किसी ने नहीं देखा

भारतरांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में महिला कैदी का किया गया यौन शोषण, हुई गर्भवती, कराया गया गर्भपात! नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

भारततख्त श्री पटना साहिब गुरुद्वारे में माथा टेकने पटना पहुंचे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केन्द्र सरकार और भाजपा पर बोला तीखा हमला

भारतपश्चिम बंगाल: सुवेंदु सरकार ने दूसरी कैबिनेट बैठक में राज्य की धर्म-आधारित योजनाएँ समाप्त कीं