लाइव न्यूज़ :

Vaishno Devi Landslide: भूस्खलन के बाद अब तक 30 लोगों की मौत, मृतकों का आकंड़ा और बढ़ने की संभावना; बचाव अभियान जारी

By अंजली चौहान | Updated: August 27, 2025 11:57 IST

Vaishno Devi Landslide: भूस्खलन कटरा शहर से पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक 12 किलोमीटर के घुमावदार रास्ते के लगभग मध्य में हुआ।

Open in App

Vaishno Devi Landslide: जम्मू-कश्मीर में त्रिकुटा पहाड़ी पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर के रास्ते में हुए भीषण भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है। मंगलवार दोपहर लगातार बारिश के कारण हुए भूस्खलन में कई तीर्थयात्री फँस गए हैं। बचाव अभियान जारी है और अधिकारी मलबा हटाने और जीवित बचे लोगों को खोजने में लगे हैं।

एसएसपी रियासी परमवीर सिंह ने कहा, "जम्मू-कश्मीर के कटरा में वैष्णो देवी मंदिर के पास भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में 30 लोगों की जान चली गई है।" 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भूस्खलन को "बेहद दुखद" बताया और कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से बात की और केंद्र की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

लगातार भारी बारिश के कारण मंगलवार दोपहर त्रिकुटा पहाड़ी पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले मार्ग पर भूस्खलन हो गया। कटरा से पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक 12 किलोमीटर के घुमावदार रास्ते के लगभग आधे रास्ते में एक जगह भूस्खलन हुआ। 

जम्मू-कश्मीर के अधिकतर हिस्सों में बुधवार को लगातार चौथे दिन मूसलाधार बारिश जारी रहने के कारण हजारों लोगों को निचले बाढ़ग्रस्त इलाकों से सुरक्षित इलाकों में पहुंचाया गया। अधिकारियों ने बताया कि माता वैष्णो देवी तीर्थस्थल मार्ग पर अर्धकुंवारी के पास बचाव अभियान अब भी जारी है जहां मंगलवार को भूस्खलन हुआ था। इस दौरान नौ तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी और 21 अन्य लोग घायल हो गए थे। उन्होंने बताया कि किश्तवाड़ जिले के सुदूर मार्गी इलाके में अचानक आई बाढ़ में 10 रिहायशी मकान और एक पुल बह गया लेकिन किसी के हताहत होने की तत्काल कोई खबर नहीं है।

अधिकारियों ने बताया कि कठुआ जिले के बाढ़ग्रस्त लखनपुर गांव में अर्द्धसैनिक बल के 12 से अधिक जवान फंसे हुए हैं और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में जम्मू क्षेत्र के अधिकतर हिस्सों में लगातार बारिश जारी रही और तवी, चिनाब, उझ, रावी और बसंतर सहित लगभग सभी नदियों में पानी खतरे के स्तर से कई फुट ऊपर है। कश्मीर घाटी में भी रात भर भारी बारिश हुई, जहां मुख्य झेलम नदी अनंतनाग जिले के संगम पर 21 फुट के बाढ़-चेतावनी निशान को पार कर गई और बुधवार सुबह श्रीनगर के राम मुंशी बाग में 18 फुट के बाढ़-चेतावनी निशान से केवल दो फुट नीचे थी।

जम्मू-कश्मीर में निचले बाढ़ग्रस्त इलाकों, खासकर नदी किनारे के इलाकों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश में जलाशयों के उफान पर होने और अचानक आई बाढ़ के कारण कई प्रमुख पुलों, घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों सहित सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ है।

टॅग्स :वैष्णो देवी मंदिरभूस्खलनजम्मू कश्मीरएनडीआरएफ
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

भारतगंदरबल एनकाउंटर: 7 दिन में रिपोर्ट पेश करो?, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर लिखा

भारतअमरनाथ यात्रा पर पहलगाम नरसंहार की परछाई?, सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता, 29 जून को पूजा और 17 जुलाई से शुरू?

भारतJammu-Kashmir: पाक की ओर से जम्मू सीमा पर गोलीबारी, भारतीय रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट पर हमले की कोशिश नाकाम

भारत अधिक खबरें

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप