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भारतीय सेना ने जिस जगह किया था सर्जिकल स्ट्राइक, दो साल बाद आतंकियों ने फिर किया आबाद

By आदित्य द्विवेदी | Updated: September 28, 2018 10:54 IST

Surgical Strike Anniversary Special: भारत को उम्मीद थी कि इस सख्त कार्रवाई के बाद आतंकियों को संरक्षण देने में पाकिस्तान घबराएगा। लेकिन 2 साल बाद तस्वीर कुछ और ही इशारा कर रही है।

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नई दिल्ली, 28 सितंबरः भारतीय सेना ने 29 सितंबर 2016 को सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए आतंकियों के कैम्प तबाह कर दिए थे और 30 आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया था। ये भारत का पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब था। भारत को उम्मीद थी कि इस सख्त कार्रवाई के बाद आतंकियों को संरक्षण देने में पाकिस्तान घबराएगा। लेकिन 2 साल बाद तस्वीर कुछ और ही इशारा कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय सेना ने जिन जगहों पर सर्जिकल स्ट्राइक किया था वहां फिर से आतंकी कैंप आबाद हो चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इन कैंपों में आतंकियों की ट्रेनिंग चल रही है और करीब 250 आतंकी भारत में घुसपैठ के लिए तैयार हैं। दूसरी तरफ भारत में दूसरी बरसी पर सर्जिकल स्ट्राइक डे मनाने की तैयारियां चल रही हैं। 

इमरान सरकार भी बेअसर

उम्मीद की जा रही थी कि पाकिस्तान में सत्ता परिवर्तन होने से आतंकियों को संरक्षण समाप्त होगा। वैश्विक नेताओं ने भी इसे लेकर पाकिस्तान को फटकार लगाई है। लेकिन नवगठित इमरान सरकार आतंकियों पर बेअसर साबित हो रही है। आतंकियों पर ना सर्जिकल स्ट्राइक का असर दिख रहा है और ना पाक में सत्ता परिवर्तन का।

कैंप, लॉन्चिंग पैड और ट्रेनिंग

29 सितंबर 2016 को भारतीय सेना ने आतंकियों को दो ठिकानों पर धावा बोला था और सबकुछ तहस-नहस कर दिया था। लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक के दो साल बाद पीओके में कैंप, लॉन्चिंग पैड और आतंकियों की संख्या बढ़ गई है। खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 250 आतंकी घुसपैठ के लिए तैयार हैं। कुछ लॉन्चिंग पैड पाक अधिकृत कश्मीर के लीपा घाटी में हैं। हालांकि, सर्जिकल स्ट्राइक में तबाह भिंबर गली स्थित कैम्प को दोबारा बसाया नहीं जा सका है।

पंचायत चुनाव पर निशाना

जम्मू-कश्मीर में पंचायत चुनाव होने वाले हैं। इसी के मद्देनजर अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर हलचल बढ़ गई है। आतंकी घुसपैठ के जरिए कश्मीर में अशांति फैलाना चाहते हैं। इनका उद्देश्य दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ाना भी है। घुसपैठ को रोकने के लिए ऑपरेशन ऑल आउट पर विचार किया जा रहा है।

एक और सर्जिकल स्ट्राइक की जरूरत 

इधर, सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने सोमवार को कहा कि जम्मू कश्मीर में मौजूदा हालात को देखते हुए उनका मानना है कि नियंत्रण रेखा के पार स्थित आतंकी ठिकानों पर एक और सर्जिकल स्ट्राइक किये जाने की जरूरत है। यह पूछे जाने पर कि क्या एक और सर्जिकल स्ट्राइक की जरूरत है, रावत ने इसका सकारात्मक जवाब दिया।

सर्जिकल स्ट्राइक डे पर प्रदर्शनी

सर्जिकल स्ट्राइक की दूसरी बरसी पर देशभर में कार्यक्रम किए जाने की तैयारी है। 29 सितंबर को इंडिया गेट के पास एक प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। यहां सर्जिकल स्ट्राइक में इस्तेमाल हथियारों को दिखाया जाएगा। इस ऑपरेशन में सेना ने ट्रिवोर असॉल्ट राइफल का इस्तेमाल किया था जो इजरायल से मंगवाई गई थी। इसके अलावा डिस्पोजेबल राकेट लॉन्चर का इस्तेमाल किया गया था। इस प्रदर्शनी को आम लोगों के लिए लगाया जा रहा है।

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