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कांग्रेस में व्याप्त अंदरुनी कलह से राहुल नाराज, अपने ही नेता डाल रहे राज्य सरकारों को संकट में

By शीलेष शर्मा | Updated: June 11, 2019 07:49 IST

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ठळक मुद्दे राजस्थान में प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को निशाना बनाकर राज्य की सरकार को मुश्किल में डाल रहे हैंमध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ के बीच उठे विवाद ने संकट को गहरा दिया है.

सियासी संकट से जूझ रही कांग्रेस में मुश्किलों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है. उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व पार्टी की आतंरिक कलह को लेकर खासा परेशान है. उसकी कोशिश है कि जल्द से जल्द इस कलह पर अंकुश लगाया जाए. यह बात आज उस समय उभरकर सामने आई जब कांग्रेस के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की.

सूत्र बताते हैं कि सिद्धू ने राहुल से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की कार्यशैली को लेकर न केवल सवाल उठाए बल्कि उनके प्रति अपनाए जा रहे रवैये की भी शिकायत की. इस बैठक के दौरान राहुल और सिद्धू के अलावा पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल भी मौजूद थे.

राहुल के निकट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राहुल और प्रियंका ने इस बात पर गहरी नाराजगी जताई कि पार्टी के ही नेता चुनिंदा राज्यों में बचीं कांग्रेस सरकारों को अपनी आतंरिक कलह के कारण अस्थिर करने में जुटे हैं. उन्होंने सिद्धू को सलाह दी कि तमाम मतभेदों के बावजूद वे कोई ऐसा बयान या ऐसी कार्यवाही ना करें जिससे भाजपा और अकाली दल को कांग्रेस के खिलाफ मुहिम तेज करने में मदद मिलती हो.

सिद्धू से मुलाकात के बाद प्रियंका, अहमद पटेल ने राहुल से विभिन्न कांग्रेस शासित राज्यों में सरकारों के सामने आतंरिक कलह के कारण पैदा हुई परिस्थितियों पर चर्चा की. गौरतलब है कि राजस्थान में प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को निशाना बनाकर राज्य की सरकार को मुश्किल में डाल रहे हैं, भाजपा जिसका लाभ उठाने की कोशिश में है. हाल ही में पायलट के समर्थन विधायकों ने सरकार के खिलाफ जो मुहिम छेड़ा और जिसमें पायलट को मुख्यमंत्री बनाने की बातकही उसे लेकर राहुल सहित पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता खासे नाराज हैं.

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि राजस्थान, मध्यप्रदेश, पंजाब, छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी में कांग्रेस की सरकारें हैं, जबकि कर्नाटक में मिलीजुली सरकार है. इन सभी राज्यों पर लोकसभा चुनाव के बाद से भाजपा निगाह लगाए बैठी है ताकि मौका पड़ने पर इन पर कब्जा किया जा सके.

मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ के बीच उठे विवाद ने संकट को गहरा दिया है. वहीं कर्नाटक में कांग्रेस के विधायक कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली सरकार के लिए हर रोज नया संकट खड़ा कर रहे हैं. सूत्र बताते हैं कि राहुल ने इन तथ्यों का संज्ञान लेकर उन नेताओं को कड़े संकेत देने का फैसला किया है जो कांग्रेस सरकारों को आतंरिक कलह और पद पाने की लालसा से कमजोर करने में जुटे हैं. 

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