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Ram Navami 2025: कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल में प्रतिबंधों के साथ जुलूस निकालने की दी अनुमति

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: April 5, 2025 20:12 IST

हाईकोर्ट ने कोलकाता से सटे हावड़ा जिले में कुछ खास शर्तों के तहत जुलूस निकालने की अनुमति दी है। यह फैसला पिछले साल पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में रामनवमी समारोह के दौरान हुई हिंसक झड़पों के बाद आया है।

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ठळक मुद्देजुलूस में शामिल किसी भी व्यक्ति को हथियार लेकर चलने की अनुमति नहींजुलूस में शामिल होने वालों की संख्या 500 तक सीमित रखी गई हैजुलूस के दौरान डीजे संगीत की अनुमति नहीं होगी

कोलकाता: एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, कलकत्ता हाईकोर्ट ने बंगाल पुलिस के फैसले को पलट दिया है और हिंदू संगठनों को इस साल रामनवमी जुलूस निकालने की अनुमति दे दी है। हाईकोर्ट ने कोलकाता से सटे हावड़ा जिले में कुछ खास शर्तों के तहत जुलूस निकालने की अनुमति दी है। यह फैसला पिछले साल पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में रामनवमी समारोह के दौरान हुई हिंसक झड़पों के बाद आया है।

कोर्ट ने जुलूस के लिए सशर्त मंजूरी देते हुए कहा कि जुलूस में शामिल किसी भी व्यक्ति को हथियार लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, पुलिस जुलूस पर कड़ी निगरानी रखेगी और जुलूस में शामिल होने वालों की संख्या 500 तक सीमित रखी गई है। 

हाई कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि हावड़ा में जुलूस के लिए तय किए गए मार्ग का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। हिंदू संगठनों ने हावड़ा जिला पुलिस से रामनवमी जुलूस निकालने की अनुमति मांगी थी। हालांकि, पुलिस ने 2023 और 2024 में रामनवमी जुलूस के दौरान हिंसा और पथराव की पिछली घटनाओं के कारण सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था। 

पुलिस ने तर्क दिया कि जुलूस मुस्लिम बहुल इलाके से होकर गुजरता है, जिससे यह संभावित रूप से विवादास्पद हो सकता है। पुलिस के इनकार के जवाब में, अंजनी पुत्र सेना और विश्व हिंदू परिषद (VHP) जैसे संगठनों ने हाईकोर्ट में इस फैसले को चुनौती दी। हिंदू संगठनों के पक्ष में अदालत का फैसला उनकी जीत है।

कोर्ट ने जुलूस की अनुमति तो दे दी, लेकिन कई सख्त शर्तें भी लगाईं। मुख्य प्रतिबंधों में से कुछ इस प्रकार हैं:

* जुलूस में भाग लेने वालों की संख्या 500 से अधिक नहीं होनी चाहिए।* जुलूस के दौरान डीजे संगीत की अनुमति नहीं होगी।* किसी भी हथियार या लाठी की अनुमति नहीं होगी।* आयोजन समिति को प्रतिभागियों की सूची पहले से ही प्रस्तुत करनी होगी।* प्रतिभागियों को पुलिस को अपनी पहचान की एक प्रति प्रदान करनी होगी।* जुलूस के दौरान केवल पीवीसी सामग्री से बने धार्मिक प्रतीकों को ही ले जाया जा सकता है।

कोर्ट ने यह भी निर्दिष्ट किया कि दो अलग-अलग हिंदू संगठन- अंजनी पुत्र सेना और वीएचपी- अलग-अलग समय पर अपने जुलूस निकालेंगे। अंजनी पुत्र सेना का जुलूस सुबह होगा, जबकि वीएचपी का जुलूस शाम को होगा।

पिछले 15 वर्षों से हावड़ा में राम नवमी मनाई जाती रही है, और इस वर्ष का उत्सव एक भव्य आयोजन होने की उम्मीद है, जिसमें विभिन्न धार्मिक और राजनीतिक समूह अपने-अपने उद्देश्यों के लिए इस अवसर का लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

टॅग्स :राम नवमीCalcutta High Courtपश्चिम बंगालविश्व हिंदू परिषद
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