नई दिल्लीः लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को आरोप लगाया कि उन्हें पुख्ता जानकारी मिली है कि कांग्रेस पार्टी के कुछ सदस्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कोई अप्रत्याशित घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे, जिसके चलते उन्होंने प्रधानमंत्री से सत्र में शामिल न होने का अनुरोध किया। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर संसद में औपचारिक उत्तर देने के लिए उपस्थित न होने और उनके अनुरोध को स्वीकार करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देते हुए अध्यक्ष ने यह भी कहा कि यदि ऐसी कोई घटना घटित होती, तो यह देश की लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए हानिकारक होती।
विरोध प्रदर्शनों के कारण कई बार स्थगन के बाद दोपहर 3 बजे सदन के पुनः आरंभ होने पर बोलते हुए अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों पर जमकर निशाना साधा और कहा कि बुधवार को सदन में उनका आचरण "काले धब्बे" के समान था। उन्होंने कहा, "दुख के साथ मुझे सूचित करना पड़ रहा है कि कुछ सदस्यों ने बुधवार को सदन में ऐसा व्यवहार प्रदर्शित किया जो इसके इतिहास में पहले कभी नहीं देखा गया।"
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री स्पीकर के पीछे छिप रहे हैं। कल उनमें सदन में आने की हिम्मत नहीं थी क्योंकि तीन महिलाएं बेंच के सामने खड़ी थीं। यह क्या बकवास है? कोई चर्चा नहीं हो रही है क्योंकि सरकार चर्चा नहीं चाहती है। TMC सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि मैं स्पीकर की बात से बिलकुल सहमत नहीं हूं।
जिस संसद में इतने लोग इकट्ठा होते हैं, जहां बहुत सारे कैमरा होते हैं, आजतक कभी ऐसी नहीं हुआ कि कभी किसी ने अप्रत्याशित घटना घटित करने की कोशिश की हो। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा, "पीएम पर हमला करना आसान नहीं है लेकिन जो व्यवहार विपक्ष दिखा रहा है। ये लोकतंत्र का मंदिर है तो हम सारे नियमों का आदर कर रहे हैं लेकिन विपक्ष क्यों नहीं कर रहा है।
विपक्ष लोकतंत्र की पहले भी हत्या कर चुका है... अब वो फिर से अपनी हार की निराशा में सारी चर्चाएं रोक रहे हैं हमें नए ट्रेड डील के बारे में बताने नहीं दे रहे हैं हम इसको अपने सत्यनिष्ठा से आगे बढ़ाएंगे।" संसद के बजट सत्र के स्थगित होने पर भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने कहा, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण था।
कल सत्र शुरू होने से पहले हम सभी लोकसभा में बैठे थे, जब प्रधानमंत्री ने न आने का फैसला किया... मुझे लगता है कि यह सही फैसला था क्योंकि प्रधानमंत्री की कुर्सी तक जाने का रास्ता कांग्रेस और दूसरी INDI पार्टियों की महिला सांसदों ने लगभग ब्लॉक कर दिया था... यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है..."
भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कहा, "मैं खुद (संसद में)वहीं प्रधानमंत्री की तरफ उसी किनारे बैठता हूं। जिस प्रकार से कांग्रेस की महिला सांसदों ने उस पूरे इलाके में आने का काम किया, वो बहुत ही दुर्भावनापूर्ण है...वो(राहुल गांधी) भारत के लोकतंत्र को, संसद को भी अपने निम्न स्तर पर पहुंचाने का काम कर रहे हैं...ऐसा भारतीय संसदीय इतिहास में कभी नहीं हुआ..."
शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने कहा, "सदन की गरिमा रखनी चाहिए, अनुशासन रखना चाहिए और अपनी बाते वहां रखनी चाहिए लेकिन सदन धक्का-मुक्की करने का, गाली-गलोच करने का स्थान नहीं है। कल (विपक्ष ने)जो किया वो बहुत गलत था...राहुल गांधी ने बहुत गलत नीति अपनाई..."
सपा सांसद राजीव राय ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि किसी की इतनी हिम्मत होती कि पीएम मोदी पर हमला करता। निशिकांत दुबे जी ने जो बोला उसकी निंदा होनी चाहिए थी...हमें संसद में अपने महिला सांसदों का सम्मान करना सीखना चाहिए....विपक्ष को बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा था इसलिए सभी उत्तेजित थे लेकिन किसी की इतनी हिम्मत नहीं है कि वो पीएम मोदी पर हमला करें..."
भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा, "...कल हंगामा नहीं था बल्कि हिंसा की स्थिति थी। जिस तरह से बेल में आकर बेल को क्रॉस कर पीएम मोदी के कुर्सी के आगे चार लोग खड़े थे स्पीकर ने जो निर्णय लिया उससे एक बड़ी घटना बच गई कुछ भी घटना घट सकती थी। क्या लोकतंत्र में हिंसा की गुंजाइश है कल जो आचारण था वो हंगामा का नहीं हिंसा की थी.."