नई दिल्लीः लोकसभा में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर शारीरिक हमला करने की योजना बनाई थी। स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि ऐसी जानकारी मिली थी कि विपक्षी सांसद "कुछ अप्रत्याशित" कर सकते हैं और उन्होंने लोकतंत्र के मंदिर में अप्रिय दृश्यों को रोकने के लिए सदन को स्थगित कर दिया। सूत्रों ने बताया, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री का जवाब रद्द कर दिया गया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस दावे को "पूरी तरह झूठ" बताया। सदन की कार्यवाही स्थगित होने से पहले, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा, "देश ने देखा कि कल सदन में क्या हुआ। सबने देखा कि कैसे सांसदों ने सदन में PM की कुर्सी की तरफ जाने की कोशिश की। मुझे जानकारी मिली थी कि कोई अप्रिय घटना हो सकती थी।
यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऐसी स्थिति पैदा न हो, मैंने PM मोदी से कहा कि वे सदन में न आएं।" कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, "...प्रधानमंत्री स्पीकर के पीछे छिप रहे हैं। कल उनमें सदन में आने की हिम्मत नहीं थी क्योंकि तीन महिलाएं बेंच के सामने खड़ी थीं। यह क्या बकवास है?.. कोई चर्चा नहीं हो रही है क्योंकि सरकार चर्चा नहीं चाहती है।"
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, "भारतीय संसद के इतिहास में आजतक यह नहीं हुआ कि प्रधानमंत्री को बोलने से जबरन रोका जाए, घेराव किया जाए और स्पीकर को बताना पड़े कि वो(प्रधानमंत्री सदन में) ना आएं...संसद बहस की जगह है, वहां अपनी बात रखें...यह राहुल गांधी के चेहरे वाली कांग्रेस है..."
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, "गतिरोध इसलिए बना क्योंकि नेता प्रतिपक्ष को अपनी बात नहीं रखने दी गई और संसद और लोकतंत्र की गरिमा में गौरवशाली परंपराओं के अनुसार उनको नेता विपक्षों को खुलकर अपनी बात बोलने का अधिकार होना चाहिए। लोकसभा अध्यक्ष से हम उम्मीद करते हैं कि उन्हें वो अवसर देंगे।
सत्तापक्ष पूरा जवाब देता है यही परंपरा रही है लेकिन बोलने न देना ये अच्छी बात नहीं है इस गतिरोध का समाधान होना चाहिए.." केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, "एक अबोध बालक के जिद के कारण सदन को बंधक बना लिया गया...संसदीय इतिहास में उनका नाम काले अक्षरों से लिखा जाएगा।"