लाइव न्यूज़ :

नासिक में दर्ज प्राथमिकी के सिलसिले में राणे के खिलाफ नहीं होगी दंडात्मक कार्रवाई : महाराष्ट्र सरकार ने अदालत से कहा

By भाषा | Updated: August 25, 2021 18:05 IST

Open in App

महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को बंबई उच्च न्यायालय को बताया कि वह मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ टिप्पणी को लेकर नासिक में दर्ज प्राथमिकी के सिलसिले में केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगी। न्यायमूर्ति एस एस शिन्दे और न्यायमूर्ति एन जे जामदार की खंडपीठ को महाराष्ट्र सरकार ने राणे की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आश्वासन दिया। राणे ने इस याचिका में नासिक में दर्ज प्राथमिकी और भविष्य में दर्ज किए जा सकने वाले अन्य सभी मामलों को निरस्त करने का आग्रह किया गया है। राणे ने मंगलवार को अपने वकील अनिकेत निकम के मध्यम से दायर अपनी याचिका में गिरफ्तारी से संरक्षण दिए जाने का भी आग्रह किया है। भारत की स्वतंत्रता के वर्ष के संबंध में कथित अज्ञानता के चलते मुख्यमंत्री को थप्पड़ मारने संबंधी बयान के आरोप में राणे को मंगलवार को महाराष्ट्र के रत्नागिरि जिले से गिरफ्तार किया गया था। बाद में, रायगढ़ जिले की महाड अदालत ने उन्हें जमानत प्रदान कर दी थी और उन्हें 30 अगस्त तथा 13 सितंबर को अलीबाग पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पेश होने का निर्देश दिया था। राणे की टिप्पणी के बाद उनके खिलाफ महाड, पुणे, ठाणे और नासिक में चार प्राथमिकी दर्ज की गई थीं। राज्य सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अमित देसाई ने कहा कि नासिक में दर्ज प्राथमिकी के सिलसिले में याचिका पर सुनवाई की तारीख 17 सितंबर तक राणे के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। राणे के वकील सतीश मानशिन्दे ने कथित बयान के संबंध में उत्पन्न हो सकने वाले सभी मामलों में संरक्षण प्रदान करने का आग्रह किया। मानशिन्दे ने कहा कि अभी उन्हें पुणे और ठाणे में दर्ज प्राथमिकियों की प्रति नहीं मिली है, इसलिए वह कथित बयान से उत्पन्न हो सकने वाले सभी मामलों में संरक्षण मांग रहे हैं। देसाई ने हालांकि कहा कि याचिका में केवल नासिक में दर्ज प्राथमिकी का उल्लेख है, इसलिए पूर्ण संरक्षण की बात नहीं की जा सकती। अदालत ने सहमति जताते हुए मामले में अगली सुनवाई के लिए 17 सितंबर की तारीख निर्धारित कर दी। उच्च न्यायालय ने कहा कि याचिकाकर्ता (राणे) याचिका में संशोधन कर सकते हैं और रिकॉर्ड में सभी प्राथमिकियों को ला सकते हैं। इसने कहा, ‘‘आप (राणे) याचिका में संशोधन कीजिए और सभी प्राथमिकियों का लाइए। तब हम संरक्षण के मुद्दे पर विचार करेंगे।’’ देसाई ने अदालत से कहा कि राणे को भविष्य में इस तरह के बयान देने से बचना चाहिए जिनका समाज पर कुछ गलत असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘दंडात्मक कार्रवाई न करने के सरकार के बयान का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए तथा याचिकाकर्ता को इस तरह की और टिप्पणियां नहीं करनी चाहिए।’’ इस पर मानशिन्दे ने कहा कि वह ऐसा कोई वचन नहीं दे सकते क्योंकि सवाल उनके मुवक्किल की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का है। राणे ने अपनी याचिका में कहा है कि उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है और वह निर्दोष हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई प्राथमिकियां दर्ज कर राज्य सरकार उन्हें परेशान कर रही है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतमहाराष्ट्र विधान परिषद की 16 सीट पर चुनाव, 18 जून को पड़ेंगे वोट, निर्वाचन आयोग की घोषणा, जानें मतगणना कब?

भारतCBI ने पकड़ी NEET पेपर लीक की 'मास्टरमाइंड' टीचर

भारतसीबीआई ने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले के ‘सरगना’ रसायन विज्ञान के प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को पुणे से किया अरेस्ट, गिरफ्त में अब तक 7

भारतशिवसेना विवाद: हम तारीख तय करेंगे, पहले आप अपने लोगों को मीडिया में जाने और गैर-जिम्मेदाराना बयान देने से रोकें, सुप्रीम कोर्ट सख्त, एकनाथ शिंदे-उद्धव ठाकरे गुट से नाराज?

भारतPune Minor Girl Case: 'दोषी को मिले मौत की सजा', नसरपुर केस पर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी का बड़ा बयान

भारत अधिक खबरें

भारतUjjain: श्री महाकाल मंदिर सभा मंडप में सफाई कर्मी महिला को कुत्ते ने काटा

भारत'चंद दिनों के बलात्कार और दुष्कर्म के चंद आंकड़े दे रहा हूँ': नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आंकड़े जारी कर सम्राट सरकार पर बोला तीखा हमला

भारतविकास प्रक्र‍िया में जनजातीय समाज को शामिल करने प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बनाई नीतियां: मंत्री डॉ. शाह

भारतक्या बीजेपी में शामिल होंगे रेवंत रेड्डी? तेलंगाना सीएम को लेकर निज़ामाबाद के सांसद धर्मपुरी के बयान ने मचाई सनसनीखेज

भारत2020 Delhi riots case: अदालत ने बीमार माँ की देखभाल के लिए उमर खालिद को अंतरिम ज़मानत देने से किया इनकार