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मानसून सत्रः सरकार की परीक्षा आज, पीएम मोदी ने ट्वीट कर जताई बाधा मुक्त बहस की उम्मीद

By रामदीप मिश्रा | Updated: July 20, 2018 09:32 IST

भारतीय संसद का मॉनसून सत्र 2018 18 जुलाई से प्रारम्भ होकर 10 अगस्त तक चलेगा। सदन के के कुल 24 दिनों के इस सत्र में कुल 18 दिन सदन की बैठक होगी। सदन के इस सत्र में कुल 48 मामले पेश होंगे।

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नई दिल्ली, 20 जुलाईः लोकसभा में आज महत्वपूर्ण दिन है, जिसमें मोदी सरकार की परीक्षा ली जानी है। विपक्ष की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होनी हैं और सत्तापक्ष और विपक्ष की बहस का समय तय कर दिया गया है। ऐसे में शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद की कार्यवाही बाधा मुक्त होने की उम्मीद जताई है।

उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'आज हमारे संसदीय लोकतंत्र में एक महत्वपूर्ण दिन है। मुझे यकीन है कि मेरे साथी सांसद इस अवसर पर एक रचनात्मक, व्यापक और व्यवधान मुक्त बहस करेंगे। हम इसका श्रेय लोगों और हमारे संविधान के निर्माताओं को देते हैं। भारत हमें बारीकी से देखेगा।'ये भी पढ़ें-अविश्वास प्रस्ताव चर्चा पर TDP का सवाल, बीजेपी को साढ़े तीन घंटे, विपक्ष को 13 और 38 मिनट क्यों?

आपको बता दें, संसद के इस मानसून सत्र के पहले ही दिन विपक्ष सहित कई पार्टियों ने लोकसभा स्पीकर के सामने अविश्वास प्रस्ताव रखा था, जिसके बाद लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) की तरफ से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को स्वीकर किया है, जिस पर आज चर्चा और मत विभाजन होना है। 

सबसे पहले चर्चा करेगी टीडीपी

चर्चा के लिए सबसे पहले अविश्वास प्रस्ताव लाने वाली पार्टी तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) को मौका मिलेगा। इसके लिए उसे 13 मिनट का समय दिया गया है। पार्टी की ओर से जयदेव गल्ला पहले वक्ता होंगे। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को प्रस्ताव पर अपने विचार रखने के लिए 38 मिनट का समय दिया गया है। कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी और सदन में पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे इस पर बोल सकते हैं। 

ये भी पढ़ें-बज़ट सत्र 2018 में संसद के 250 घण्टे हो गए थे बर्बाद, क्या मॉनसून सत्र का भी वही हाल होगा?

क्या है अविश्वास प्रस्ताव

भारत में जब किसी विपक्षी दल को लगता है कि मौजूदा सरकार सदन का विश्वास या बहुमत खो चुकी है तो वह अविश्वास प्रस्ताव पेश करता है। इसके लिए वह सबसे पहले लोकसभा अध्यक्ष या स्पीकर को इसकी लिखित में सूचना देता है। इसके बाद स्पीकर उसी दल के किसी सांसद से इसे पेश करने के लिए कहता है। अविश्वास प्रस्ताव को तभी स्वीकार किया जा सकता है, जब सदन में उसे कम से कम 50 सदस्यों का समर्थन हासिल हो।

ये भी पढ़ें-अविश्वास प्रस्ताव पर शिवसेना मोदी सरकार के साथ या नहीं, संशय अब भी बरकरार

24 दिनों तक चलेगा मानसून सत्र 2018 

भारतीय संसद का मॉनसून सत्र 2018 18 जुलाई से प्रारम्भ होकर 10 अगस्त तक चलेगा। सदन के के कुल 24 दिनों के इस सत्र में कुल 18 दिन सदन की बैठक होगी। सदन के इस सत्र में कुल 48 मामले पेश होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार इस दौरान 46 विधेयक और दो वित्तीय विधेयक पेश करेगी। इस सत्र में तीन तलाक़, मेडिकल एजुकेशन बिल और ट्रांसजेंडर बिल जैसे महत्वपूर्ण विधेयक पेश होने वाले हैं।लोकमत न्यूज के लेटेस्ट यूट्यूब वीडियो और स्पेशल पैकेज के लिए यहाँ क्लिक कर सब्सक्राइब करें!

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