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पत्रकारों के लिए एसओपी तैयार करेगा गृह मंत्रालय, अतीक की हत्या के बाद लिया गया फैसला

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: April 16, 2023 14:16 IST

पुलिस कस्टडी में स्वास्थ्य जांच के लिए शनिवार देर रात प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल ले जाते समय माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की मेडिकल कॉलेज के पास मीडिया कर्मी बनकर आए तीन बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। हमलावरों ने खुद को पत्रकार के रूप में पेश किया और उनके पास नकली कैमरा, माइक आईडी और जाली पहचान पत्र भी थे।

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ठळक मुद्देमाफिया अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के बाद केंद्र ने लिया संज्ञानपत्रकारों की सुरक्षा के लिए मानक संचालन प्रक्रिया बनाने की तैयारीहमलावरों ने खुद को पत्रकार के रूप में पेश किया था

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ की गोली मारकर की गई हत्या के बाद मामले को का संज्ञान लेते हुए गृह मंत्रालय (एमएचए) ने पत्रकारों की सुरक्षा के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने का फैसला किया है। सूत्रों के अनुसार यह निर्णय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिया गया है।

दरअसल पुलिस कस्टडी में स्वास्थ्य जांच के लिए शनिवार देर रात प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल ले जाते समय माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की मेडिकल कॉलेज के पास मीडिया कर्मी बनकर आए तीन बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। हमलावरों ने खुद को पत्रकार के रूप में पेश किया और उनके पास नकली कैमरा, माइक आईडी और जाली पहचान पत्र भी थे। हमले में शामिल तीन लोगों को मौके पर ही पकड़ लिया गया।

इस मामलें में शामिल रहे तीन हमलावरों की पहचान भी हो चुकी है। तीनों हमलावरों की पहचान- लवलेश तिवारी, शनि और अरुण मौर्य के रूप में हुई है। तीनों बाइक सवार बदमाश मीडियाकर्मी बनकर आए थे और घटना को अंजाम देने के बाद सरेंडर कर दिया। अब पुलिस इन तीनों का इतिहास खंगाल रही है। हत्याकांड के बाद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना की उच्‍च स्‍तरीय जांच का आदेश देते हुए तीन सदस्यीय जांच आयोग के गठन के निर्देश दिए हैं। वहीं, घटना के बाद उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।

इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत भी गर्माई हुई है। अखिलेश यादव, मायावती, असदुद्दीन ओवैसी समेत तमाम विपक्ष के नेता पुलिस कस्टडी में अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ की हत्या के बाद से ही योगी सरकार पर हमलावर हैं। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने मामले में देश की शीर्ष अदालत से उचित कार्रवाई की मांग की है। 

बता दें कि अतीक और अशरफ हत्याकांड में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर  आरोपियों से पूछताछ भी शुरू कर दी है। आरोपियों ने पुलिस को कई चौंकाने वाली जानकारी दी हैं। आरोपियों का कहना है कि हम अतीक गैंग का सफाया करना चाहते थे। हम प्रदेश में अपना नाम कमाना चाहते हैं। दोनों को मारने के लिए हम पत्रकार बनकर आए थे। हम हत्या करके भाग नहीं पाए। 

टॅग्स :Ministry of Home Affairsउत्तर प्रदेशअमित शाहपत्रकारjournalist
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