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मिलिये मीनल से, बच्चे की डिलीवरी से एक दिन पहले तैयार की भारत की पहली Coronavirus परीक्षण किट, विदेशी किट से खर्चा एक चौथाई

By रोहित कुमार पोरवाल | Updated: March 29, 2020 00:20 IST

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि मीनल ने बेटी को जन्म देने के ठीक एक दिन किट बनाकर तैयार कर दी। वह तारीख थी 18 मार्च। इस दिन यह किट नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी को सौंप दी गई। 

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ठळक मुद्देकोरोना वायरस के खिलाफ जंग में इस महिला वायरस विज्ञानी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। नाम है- मीनल दाखवे भोंसले।मीनल ने कोविड-19 टेस्टिंग किट बनाई है। खास बात यह है कि भारत में बनी यह किट विदेशी किट के मुकाबले बेहद सस्ती है और जल्द परिणाम देने वाली है। 

कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में इस महिला वायरस विज्ञानी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। नाम है- मीनल दाखवे भोंसले। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मीनल ने कोविड-19 टेस्टिंग किट बनाई है। खास बात यह है कि भारत में बनी यह किट विदेशी किट के मुकाबले बेहद सस्ती है और जल्द परिणाम देने वाली है। 

कोरोना के खिलाफ जंग में मीनल के योगदान की जितनी तारीफ की जाए कम है। संकट के इस समय में मीनल को अगर वीरांगना कहा जाए तो भी कम है। क्योंकि इस वायरस साइंटिस्ट ने कोविड-19 परीक्षण किट ऐसे समय तैयार की है जब वह गर्भावस्था में थीं। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि मीनल ने बेटी को जन्म देने के ठीक एक दिन किट बनाकर तैयार कर दी। वह तारीख थी 18 मार्च। इस दिन यह किट नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी को सौंप दी गई। 

मीनल ने मीडिया से कहा, ''यह एक आपात स्थिति थी, इसलिए मैंने इसे एक चुनौती के रूप में लिया। मुझे अपने देश की सेवा करनी थी।'' उन्होंने कहा कि 10 लोगों की उनकी टीम ने प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए बहुत मेहनत की।

पुणे के एक डायग्नोस्टिक फर्म माईलैब डिस्कवरी सॉल्यूशंस के इस प्रोजेक्ट पर मीनल ने फरवरी में काम शुरू किया था। मीनल और उनकी टीम द्वारा तैयार की गई कोरोना वायरस टेस्टिंग किट का नाम 'पैथो डिटेक्ट' है। इस महज छह हफ्तों में विकसित किया गया है। 

भारत में बनी कोरोना वायरस परीक्षण की यह पहली किट गुरुवार को बाजार में उतारी गई। हिंदुस्तान टाइम्स के साथ एक इंटरव्यू में मीनल ने बताया कि उनके द्वारा बनाई गई किट से ढाई घंटे में जांच होती है जबकि विदेशी किटों से परिणाम छह-सात घंटे में मिलता है। 

मीनल द्वारा तैयार की गई प्रत्येक किट से सौ सैंपल की जांच की जा सकती है और प्रत्येक का खर्च बारह सौ रुपये बैठता है जबकि विदेशी किट से खर्च साढ़े चार हजार रुपये आता है।  

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