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जम्मू-कश्मीर में भड़की हिंसा के लिए महबूबा मुफ्ती ने 'द कश्मीर फाइल्स' को ठहराया जिम्मेदार, कही ये बात

By मनाली रस्तोगी | Updated: May 17, 2022 10:36 IST

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हमने कश्मीरी पंडितों के लिए एक सुरक्षित माहौल बनाया है। 2016 में चरम अशांति के दौरान, कोई हत्या नहीं हुई थी। कश्मीर फाइल्स फिल्म ने हिंसा शुरू कर दी है।

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ठळक मुद्देमुफ्ती ने ज्ञानवापी विवाद को लेकर भाजपा नीत केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि "आखिरकार वे हमारी मस्जिदें हैं।" उन्होंने कहा कि वे (केंद्र) वास्तविक विषयों से ध्यान भटकाने के लिए हिंदू-मुस्लिम मुद्दे पैदा कर रहे हैं।

श्रीनगर: कश्मीरी पंडित राहुल भट्ट की हत्या के बाद पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को केंद्र शासित प्रदेश में हिंसा भड़काने के लिए विवेक अग्निहोत्री निर्देशित 'द कश्मीर फाइल्स' को जिम्मेदार ठहराया। इसके साथ ही मुफ्ती ने यह भी दावा किया कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कश्मीरी पंडितों के लिए एक सुरक्षित वातावरण बनाया।

मीडिया से मुखातिब होते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हमने कश्मीरी पंडितों के लिए एक सुरक्षित माहौल बनाया है। 2016 में चरम अशांति के दौरान, कोई हत्या नहीं हुई थी। कश्मीर फाइल्स फिल्म ने हिंसा शुरू कर दी है। यही नहीं, मुफ्ती ने ज्ञानवापी विवाद को लेकर भाजपा नीत केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि "आखिरकार वे हमारी मस्जिदें हैं।" 

वहीं, अपनी बात को जारी रखते हुए उन्होंने कहा कि वे (केंद्र) वास्तविक विषयों से ध्यान भटकाने के लिए हिंदू-मुस्लिम मुद्दे पैदा कर रहे हैं और अब ज्ञानवापी मस्जिद के पीछे हैं। आखिर वे हमारी मस्जिदें हैं। हम जहां भी पूजा करते हैं वहां हमारा भगवान है; हमें उन सभी मस्जिदों की सूची दें जिन पर आप नजर रख रहे हैं। बता दें कि इससे पहले फारूक अब्दुल्ला ने 'द कश्मीर फाइल्स' पर प्रतिबंध लगाने का आह्वान करते हुए आरोप लगाया कि इसने "देश में नफरत का माहौल" बनाया है।

उन्होंने फिल्म में चित्रित घटनाओं को नकली बताते हुए फिल्म को "आधारहीन" भी कहा। मालूम हो, अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती सहित पीपुल्स अलायंस फॉर गुप्कर डिक्लेरेशन के नेताओं द्वारा घाटी में राहुल भट्ट की हत्या के कारण हुई हिंसा की हालिया घटनाओं पर चर्चा करने के लिए एलजी मनोज सिन्हा से मुलाकात के एक दिन बाद यह टिप्पणी आई। 

बताते चलें कि गुरुवार को एक कश्मीरी पंडित और सरकारी कर्मचारी राहुल भट्ट की हत्या के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिसमें प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए। विरोध के बाद जम्मू-कश्मीर सरकार ने हत्या की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया।

टॅग्स :महबूबा मुफ़्तीफारूक अब्दुल्लाजम्मू कश्मीरकश्मीरी पंडितद कश्मीर फाइल्स
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