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महाराष्ट्र विधानसभा उपचुनाव: भाजपा ने पंढरपुर-मंगलवेढ़ा सीट राकांपा से छीनी

By भाषा | Updated: May 2, 2021 20:59 IST

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पुणे, दो मई महाराष्ट्र में सत्ताधारी महा विकास आघाड़ी (एमवीए) को झटका देते हुए भाजपा उम्मीदवार समाधान आवताड़े ने सोलापुर जिले की पंढरपुर-मंगलवेढ़ा विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जीत हासिल की है।

अधिकारियों ने बताया कि आवताड़े ने अपने निकतटम प्रतिद्वंद्वी राकांपा उम्मीदवार को 3,700 से ज्यादा मतों के अंतर से शिकस्त दी।

आवताड़े ने एमवीए उम्मीदवार भागीरथ भालके को हराया जो दिवंगत राकांपा नेता भरत भालके के पुत्र हैं।

प्रदेश में राकांपा, शिवनेना व कांग्रेस गठबंधन की सरकार है।

इस सीट पर राकांपा और विपक्षी भाजपा के बीच 17 अप्रैल को हुए उपचुनाव में सीधा मुकाबला था। राकांपा विधायक भरत भालके का गत वर्ष नवंबर में कोविड-19 के कारण निधन होने से इस सीट पर उपचुनाव कराने की आवश्यकता पड़ी।

जिला निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक आवताड़े ने भालके को 3,733 मतों के अंतर से हराया। अवताड़े को जहां 109450 मत मिले, वहीं भालके को 105717 मत ही मिले।

उन्होंने कहा कि डाक मतों समेत कुल 2,27,421 मतों की गिनती हुई।

भाजपा की जीत के बारे में बात करते हुए नेता विपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक बयान में कहा, “नतीजों ने भ्रष्ट एमवीए सरकार को आइना दिखा दिया है।”

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा, “ मैं इस जीत पर समाधान आवताड़े को बधाई देना चाहता हूं। मैं (भाजपा विधान पार्षद) प्रशांत परिचारक को भी आवताड़े को यह जीत हासिल करने में मदद के लिए बधाई देता हूं।”

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि आवताड़े को परिचारक का समर्थन प्राप्त हुआ जिनके चाचा सुधाकर परिचारक ने भरत भालके के खिलाफ 2019 का विधानसभा चुनाव लड़ा था लेकिन हार गए थे। पिछले साल कोविड-19 के कारण सुधाकर परिचारक का निधन हो गया था।

आवताड़े ने निर्दलीय के तौर पर 2019 में विधानसभा चुनाव लड़ा था।

पाटिल ने कहा कि इस जीत से संकेत मिलता है कि लोगों में गुस्सा है जो उन्होंने अपने मतों के जरिये व्यक्त किया।

उन्होंने आरोप लगाया, “लोग काफी बेचैन हैं और आगे जहां कहीं भी उन्हें मौका मिलेगा वे अपनी नाराजगी व्यक्त करेंगे। भले ही तीनों (एमवीए) दल साथ आ जाएं, लोगों में नाराजगी है और उन्हें एमवीए पर भरोसा नहीं रहा है। उन्हें यह अहसास हो चुका है कि उद्धव ठाकरे सरकार नहीं चला सकते।”

राकांपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जयंत पाटिल ने कहा कि वे पंढरपुर और मंगलवेढ़ा तहसीलों की दो टीमों के बीच अच्छा संवाद स्थापित नहीं कर सके, ऐसे में मामूली अंतर से पार्टी उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा।

उन्होंने कहा, “प्रचार के दौरान एमवीए के सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने सहयोग दिया, लेकिन हम दोनों तहसीलों से सभी को साथ लाने में विफल रहे और इसके फलस्वरूप हमें हार का सामना करना पड़ा।”

इस बीच, उपचुनाव में एमवीए उम्मीदवार की हार के बारे में पूछे जाने पर शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि यह झटका है, लेकिन इसका सरकार पर कोई असर नहीं होगा।

नतीजों के बाद कोविड नियमों तथा धारा-144 के उल्लंघन पर पुलिस ने पंढरपुर-मंगलवेढ़ा से करीब 40 लोगों को हिरासत में लिया है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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