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मध्य प्रदेश उच्च न्यायालयः 'भगवान कृष्ण' को झटका?, हाईकोर्ट ने दिया फैसला, जानें मामला

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 16, 2025 18:47 IST

पिछले वर्ष आठ नवंबर को भोपाल स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने याचिकाकर्ताओं की मां से कहा था कि वे नाबालिग लड़कियों के पासपोर्ट के नवीनीकरण के लिए अदालत से अनुमति लें।

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ठळक मुद्देयात्रा में ‘हाउस ऑफ लॉर्ड्स’ और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के कार्यक्रम भी शामिल होंगे।भोपाल को याचिकाकर्ताओं के पासपोर्ट का नवीनीकरण करने का निर्देश दिया जाता है।

जबलपुरः मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने भोपाल स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय को अभिनेता नीतीश भारद्वाज की दो नाबालिग बेटियों के पासपोर्ट नवीनीकृत करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति विनय सराफ की पीठ अभिनेता की अलग रह रही पत्नी स्मिता भारद्वाज के माध्यम से नाबालिग बेटियों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। उनकी पत्नी भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की अधिकारी हैं। पिछले वर्ष आठ नवंबर को भोपाल स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने याचिकाकर्ताओं की मां से कहा था कि वे नाबालिग लड़कियों के पासपोर्ट के नवीनीकरण के लिए अदालत से अनुमति लें।

क्योंकि उनके पिता ने इस पर आपत्ति जताई थी। बच्चों के वकील नमन नागनाथ ने अदालत में कहा कि दोनों नाबालिगों को इस वर्ष 14 से 17 फरवरी के बीच लंदन में होने वाले 'भारत महोत्सव' में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है और इस यात्रा में ‘हाउस ऑफ लॉर्ड्स’ और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के कार्यक्रम भी शामिल होंगे।

उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि दोनों नाबालिग लड़कियों के पासपोर्ट की वैधता 16 जनवरी को समाप्त हो रही है और उन्हें तत्काल नवीनीकृत किया जाना आवश्यक है। न्यायमूर्ति सराफ ने बुधवार के अपने आदेश में कहा कि क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय भोपाल को याचिकाकर्ताओं के पासपोर्ट का नवीनीकरण करने का निर्देश दिया जाता है।

पीठ ने कहा कि भारद्वार अपनी इस आशंका के संबंध में मुंबई की पारिवारिक अदालत के समक्ष उचित कदम उठाने के लिए स्वतंत्र हैं कि याचिका के साथ दायर दस्तावेज़ वास्तविक नहीं हैं। उच्च न्यायालय के आदेश में कहा गया है कि नीतीश भारद्वाज याचिकाकर्ताओं को विदेश यात्रा करने से रोकने के वास्ते रोक आदेश प्राप्त करने के लिए पारिवारिक अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं और "यदि ऐसा कोई आवेदन प्रस्तुत किया जाता है, तो पारिवारिक अदालत द्वारा इस आदेश से प्रभावित हुए बिना कानून के अनुसार उस पर निर्णय लिया जाए।"

उच्च न्यायालय के आदेश में कहा गया है, "यह स्वीकार्य स्थिति है कि बच्चों के पिता ने याचिकाकर्ताओं की मां से तलाक लेने के लिए मुंबई की पारिवारिक अदालत में आवेदन किया था और मामला अब भी मुंबई के पारिवारिक अदालत में लंबित है। नाबालिग बेटियों की कस्टडी का मुद्दा भी लंबित है।" नीतीश भारद्वाज को बेहद लोकप्रिय टेलीविजन धारावाहिक बीआर चोपड़ा निर्मित "महाभारत" में भगवान कृष्ण की भूमिका के लिए जाना जाता है। 

टॅग्स :महाभारतभगवान कृष्णजबलपुरLondonहाई कोर्ट
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