इंदौर: जूनी इंदौर थाना क्षेत्र की नंदनवन कॉलोनी में शनिवार दोपहर एक चार साल की बच्ची, बेबी हाजरा की कार में बंद रहने के कारण दम घुटने से मौत हो गई। परिवार और कॉलोनी के लोगों ने करीब दो घंटे तक बच्ची की तलाश की, लेकिन किसी को भी अंदेशा नहीं हुआ कि वह पास में खड़ी कार के अंदर कैद है।
पुलिस और परिजनों के अनुसार बच्ची दोपहर घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। वह कुछ ही समय पहले दादा‑दादी के साथ फॉर्महाउस से लौटी थी। खेलते‑खेलते बेबी पास खड़ी कार की पीछे की सीटों के बीच छिप गई। किसी कारणवश कार का लॉक बंद हो गया और बच्ची अंदर कैद होकर रह गई। तेज दोपहर की गर्मी में बंद कार कुछ ही मिनटों में अत्यधिक तपने लगी और अंदर ऑक्सीजन की कमी होने लगी।
परिवार ने जब बच्ची कुछ देर तक नहीं देखी तो कॉलोनी और आसपास के रास्तों में उसकी तलाश शुरू की। करीब दो घंटे तक खोजबीन के बाद किसी ने शक जताया कि बच्ची कार में हो सकती है। परिजन जब कार का दरवाजा खोला तो बच्ची बेसुध पड़ी मिली। उसे फौरन नजदीकी अस्पताल लेकर जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों ने प्राथमिक तौर पर बताया कि बंद कार में लंबे समय तक रहने से ही दम घुटने की स्थिति बनी।
मृतक बच्ची अपने परिवार में तीन भाई‑बहनों में दूसरी थी; पिता शहर के जाने‑माने लोहा व्यापारी बताए जाते हैं। उसके छोटे भाई का अभी आयु मात्र आठ महीने है। हादसे के तुरंत बाद नंदनवन कॉलोनी में गम की लहर फैल गई और पड़ोसी परिवार सदमे में दिखे।
सूचना पाकर जूनी इंदौर पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर मर्ग कायम कर विवेचना शुरू कर दी है। थाना प्रभारी अनिल गुप्ता ने बताया, “प्राथमिक जांच में यह प्रतीत होता है कि यह हादसा आकस्मिक था। परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ की जा रही है; कार लॉक कैसे लगा, उसकी छानबीन की जाएगी।”