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सांसद करिया मुंडा के 4 किडनैप बॉडी गार्ड छुड़ाए गए, पुलिस ने ऐसे किया ऑपरेशन

By एस पी सिन्हा | Updated: June 29, 2018 20:31 IST

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आज तड़के चार बजे सूचना मिली कि खूंटी के ही पुटीगढ़ा गांव में तीनों जवानों को रखा गया है।

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रांची, 29 जूनः भाजपा सांसद करिया मुंडा के चार अंगरक्षकों को पुलिस ने आज सुरक्षित रिहा करा लिया है, जिन्हें खूंटी में मंगलवार को पत्थलगड़ी समर्थक उपद्रवियों ने अगवा कर लिया था। झारखंड के अतिरिक्तपुलिस महानिदेशक आर.के. मलिक ने बताया कि चारों पुलिसकर्मी सुरक्षित हैं। उन्हें खूंटी के डीलिंगबाड़ा के जंगलों से आज तड़के सुरक्षित रिहा कराया गया। पुलिस महानिदेशक डी.के. पांडे ने कहा, ‘‘जवानों की रिहाई जनसहयोग एवं पुलिस की सख्त कार्रवाई एवं दबाव से संभव हो सकी है।’’

पहले तीन अंगरक्षकों को मुक्त कराने की खबरों और अब चौथे सुरक्षाकर्मी के भी छूटने के बारे में पूछे जाने पर मलिक ने बताया कि वास्तव में पत्थलगड़ी समर्थक गुंडों ने चार सुरक्षाकर्मियों का अपहरण किया था, लेकिन स्थानीय पुलिस को उस समय तीन के अपहरण की ही सूचना मिली। पुलिस को जानकारी थी कि चौथा अंगरक्षक अवकाश पर घर गया है, लेकिन आज छूटने के बाद इस बात की पुष्टि हुई कि वास्तव में चार सुरक्षाकर्मियों का अपहरण हुआ था। अपहरण के सिलसिले में पुलिस ने आज तड़के भी कुछ संदिग्ध पत्थलगड़ी समर्थक उपद्रवियों को हिरासत में लिया है। इससे पूर्व कल शाम पुलिस ने खूंटी में अपहृत जवानों का सुराग देने वाले को पचास हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की थी।

अपहृत जवानों की पहचान विनोद केरकेट्टा, साइमन सुरीन, नागेंदर सिंह एवं सुबोध कुजूर के रूप में की गई थी। मंगलवार को पत्थलगड़ी समर्थक उपद्रवियों ने अपने नेताओं के घर कुर्की की कार्रवाई के बाद उग्र होकर खूंटी में अनिगड़ा इलाके के चांडीडीह में सांसद करिया मुंडा के घर से उनके तीन अंगरक्षकों का उनके हथियारों के साथ अपहरण कर लिया था।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आज तड़के चार बजे सूचना मिली कि खूंटी के ही पुटीगढ़ा गांव में तीनों जवानों को रखा गया है। इसके बाद आईजी, डीआईजी और एसपी सहित भारी संख्या में फोर्स गांव में पहुंची। पुलिस को देख पत्थलगड़ी समर्थक भाग खड़े हुए। इसके बाद यहां से चारों जवानों को सकुशल मुक्त करा लिया गया। इससे पहले अपहरण की घटना के बाद इस घटना के बाद सुरक्षा बल के लगभग पंद्रह सौ जवान अंगरक्षकों के अपहरण वाले क्षेत्र में कैंप किए हुए थे। जो लगातार चार दिनों से अपहरणकर्ताओं पर नजर रखे हुए थे और उन्होंने लगातार चार दिनों से अपहरणकर्ताओं पर घेरेबंदी जारी रखी।

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