लाइव न्यूज़ :

'जवाहर' विमोचन समारोह: 'बाबूजी' को याद करते हुए जर्नादन द्विवेदी ने बताया आजादी का संघर्ष, कहा- "गांधीवादी मूल्यों में पूरा विश्वास करने वाले ही इसे समझ हैं..."

By अंजली चौहान | Updated: December 4, 2023 17:29 IST

जवाहर लाल दर्डा के साथ जर्नादन द्विवेदी ने काम किया था और अपने काम को याद कराते हुए उन्होंने कार्यक्रम में उनके देश के प्रति समर्पण की ओर सभी का ध्यान खींचा। 

Open in App

नई दिल्ली: लोकमत के संस्थापक, वरिष्ठ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं राजनीतिक-सामाजिक नेता श्री जवाहरलाल दर्डा 'बाबूजी' के अद्भुत प्रेरणादायी जीवन के विभिन्न पहलुओं पर आधारित पुस्तक ‘जवाहर’ के विमोचन समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे दिग्गज राजनेता जर्नादन द्विवेदी ने बाबूजी को याद किया।

उन्होंने अपने राजनीतिक करियर में जवाहरलाल दर्डा के साथ काम किया था और उनसे प्रेरणा ली थी। उस ऐतिहासिक दौर को याद करते हुए उन्होंने बताया कि किस तरह जवाहर लाल दर्डा ने आजादी की लड़ाई और आजादी के बाद देश के लिए अपना बलिदान दिया और विभिन्न काम किए।

जर्नादन द्विवेदी ने कहा, "आज के राजनीतिक परिदृश्य उस समय से अलग थी और मेरी बातें वहीं समझेंगे जो गांधीवादी विचारों को समझते हो। उन्होंने महात्मा गांधी के राजनीति में आने और देश के विकास में उनके समर्पण को याद करते हुए विचार साझा किया।  

जवाहर लाल दर्डा के साथ जर्नादन द्विवेदी ने काम किया था और अपने काम को याद कराते हुए उन्होंने कार्यक्रम में उनके देश के प्रति समर्पण की ओर सभी का ध्यान खींचा। 

सोमवार, 4 दिसंबर को राजधानी दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री तथा डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के अध्यक्ष पद्म भूषण गुलाम नबी आजाद, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व मंत्री विनोद तावड़े, मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जनार्दन द्विवेदी, मीडिया में अपने विचारों से अलग पहचान रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार पद्मश्री अलोक मेहता प्रमुखता से मौजूद है सभी अतिथि अपने-अपने विचार मंच पर रख रहे हैं। 

टॅग्स :जनार्दन द्विवेदीभारतलोकमत समाचार औरंगाबादलोकमत हिंदी समाचार
Open in App

संबंधित खबरें

भारत'भारतवासियों का विश्वास मुझे न रुकने देता है, न थकने' नीदरलैंड्स में बोले PM मोदी

भारतयह समय राजनीति का नहीं, देश संभालने का है

भारतबढ़ती महंगाई, घटती विकास दर की चुनौती

भारतपूरी तरह नाजायज है सूरज की बिजली पर सरकारी शुल्क  

कारोबारसावधान! कहीं आपका आधार गलत हाथों में तो नहीं? इन 3 टिप्स से आज ही करें सुरक्षित

भारत अधिक खबरें

भारतभविष्य के लिए ये कैसी पौध तैयार कर रहे हैं हम ?

भारत'भारत अब नक्सल-मुक्त है': अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में उग्रवाद के खात्मे की घोषणा की

भारतMadhya Pradesh: खेलते‑खेलते कार में बंद 4 साल की बच्ची की मौत, दो घंटे तक किसी ने नहीं देखा

भारतमुंबई और अहमदाबाद के बीच भारत की पहली बुलेट ट्रेन की पहली झलक सामने आई

भारतमहाराष्ट्र के पालघर में शादी के परिवार को ले जा रहे एक ट्रक की दूसरे ट्रक से टक्कर, 12 की मौत, 20 से ज़्यादा घायल