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जम्मू कश्मीर: 11 साल पुराने ऑनलाइन लेख के लिए पीएचडी छात्र यूएपीए के तहत गिरफ्तार, 15 दिन में होने वाली थी शादी

By विशाल कुमार | Updated: April 18, 2022 07:28 IST

कश्मीर विश्वविद्यालय के 39 वर्षीय छात्र फाजिली को उनके द्वारा लिखे गए एक लेख के लिए गिरफ्तार किया गया है जो 11 साल पहले एक ऑनलाइन समाचार पत्रिका 'द कश्मीर वाला' में प्रकाशित हुआ था।

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ठळक मुद्देकश्मीर विश्वविद्यालय के 39 वर्षीय छात्र फाजिली फार्मास्युटिकल विज्ञान में डॉक्टरेट की पढ़ाई कर रहे हैं।फाजिली 2016 के सड़क विरोध प्रदर्शन के दौरान सुर्खियों में आए थे।'द कश्मीर वाला' के संपादक फहाद शाह पहले से ही जेल में बंद हैं।

श्रीनगर: जम्मू और कश्मीर पुलिस की हाल ही में बनाई गई राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने रविवार को एक पीएचडी छात्र को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार किया।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, छात्र को उनके द्वारा लिखे गए एक लेख के लिए गिरफ्तार किया गया है जो 11 साल पहले एक ऑनलाइन समाचार पत्रिका में प्रकाशित हुआ था।

इसने कहा कि 6 नवंबर, 2011 को ऑनलाइन पत्रिका 'द कश्मीर वाला' में प्रकाशित लेख अत्यधिक उत्तेजक, देशद्रोही और जम्मू कश्मीर में अशांति पैदा करने के इरादे से लिखा गया था।

कश्मीर विश्वविद्यालय के 39 वर्षीय छात्र फाजिली फार्मास्युटिकल विज्ञान में डॉक्टरेट की पढ़ाई कर रहे हैं। एक पखवाड़े में उसकी शादी होने वाली थी। वह मार्च 2021 तक पांच साल के लिए यूजीसी मौलाना आजाद नेशनल फेलोशिप के प्राप्तकर्ता थे।

फाजिली 2016 के सड़क विरोध प्रदर्शन के दौरान सुर्खियों में आए जब उन्होंने नागरिक प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग की निंदा करते हुए कई टेलीविजन कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्हें पांच साल पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पूछताछ के लिए बुलाया था।

एसआईए के अधिकारियों ने पीएचडी छात्र अब्दुल आला फाजिली और पहले से ही जेल में बंद 'द कश्मीर वाला' के संपादक फहाद शाह और पत्रिका के कार्यालय परिसर में छापेमारी की और गहन तलाशी ली। एसआईए ने कहा कि तलाशी देशद्रोही लेख के लिए फाजिली, शाह और अन्य सहयोगियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रिपोर्ट के संबंध में थी।

पुलिस मुठभेड़ में मारे गए आतंकी के परिवार का बयान अपनी रिपोर्ट में दर्ज करने के लिए पहली बार 4 फरवरी को गिरफ्तार किए जाने के बाद शाह को दो बार जमानत दी गई थी लेकिन इसके बावजूद उन्हें 14 मार्च को सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।

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