लाइव न्यूज़ :

जम्मू-कश्मीर: साढ़े 17 साल पूरे कर चुकी कारवां-ए-अमन साढ़े तीन साल से है बंद

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: August 1, 2022 15:10 IST

कश्मीर के दोनों हिस्सों में रह रहे बिछुड़े परिवारों को मिलाने की खातिर आरंभ हुई कारवां-ए-अमन यात्री बस सेवा ने इस साल 7 अप्रैल को अपने परिचालन के 17 साल पूरे कर तो लिए पर कश्मीरियों के अरमान अभी भी अधूरे ही हैं।

Open in App
ठळक मुद्देकारवां-ए-अमन यात्री बस सेवा ने इस साल 7 अप्रैल को अपने परिचालन के 17 साल पूरे किए थे17 साल की इस अवधि में कुल गैर सरकारी तौर पर करीब 25 हजार लोगों ने सेवा का लाभ उठाया

जम्मू: एलओसी के आर-पार बसे जम्मू कश्मीर के परिवारों को आपस में मिलाने वाली कारवां-ए-अमन बस सेवा साढ़े तीन साल से बंद है। कश्मीर के दोनों हिस्सों में रह रहे बिछुड़े परिवारों को मिलाने की खातिर आरंभ हुई कारवां-ए-अमन यात्री बस सेवा ने इस साल 7 अप्रैल को अपने परिचालन के 17 साल पूरे कर तो लिए थे पर कश्मीरियों के अरमान अभी भी अधूरे ही हैं।

17 साल की इस अवधि में कुल गैर सरकारी तौर पर 25 हजार के करीब लोगों ने इस सेवा का लाभ उठाया पर अभी भी 38 हजार से अधिक लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं जिस कारण आम कश्मीरी यह कहने को मजबूर हुआ है कि यह बस सेवा उनके अरमान पूरे नहीं कर पाई है। अभी भी इस कश्मीर के लोगों को इस यात्री बस सेवा पर नाराजगी इसलिए है क्योंकि वे बाबूगिरी के चलते इसका सफर नहीं कर पा रहे थे।

सबसे अहम बात इस मार्ग के प्रति यह है कि कश्मीरी चाहते हैं कि इस सड़क मार्ग को सिर्फ चहेतों के लिए ही नहीं बल्कि आम कश्मीरी के लिए खोला जाना चाहिए ताकि वे उस कश्मीर में रहने वाले अपने बिछुड़े परिवारों से बेरोकटोक मिल सकें। यही कारण है कि अभी भी कश्मीरियों को शिकायत है कि इस सड़क मार्ग का इस्तेमाल सिर्फ ऊंची पहुंच रखने वालों द्वारा ही किया जा रहा है और आम कश्मीरी इससे कोसों दूर हैं।

श्रीनगर के लाल चौक में दुकान चलाने वाला मसूद अहमद कहता है कि 17 साल हो गए वह उस कश्मीर में रहने वाली अपनी बहन से मिलने की इजाजत नहीं पा सका है। ‘हर बार मेरे आवेदन को कोई न कोई टिप्पणी लगा कर लौटा दिया जाता है और मेरा पड़ोसी दो बार उस पार हो आया ऊंची पहुंच के कारण जबकि उसका कोई रिश्तेदार भी उस पार नहीं रहता है।' बहराहल, अब बीते साढ़े तीन सालों से सभी कश्मीरियों के अरमानों पर पानी फिर चुका है।

टॅग्स :जम्मू कश्मीरSrinagar
Open in App

संबंधित खबरें

भारतजमानत नियम और जेल अपवाद, यूएपीए मामले में भी यही नियम?, सुप्रीम कोर्ट ने हंदवाड़ा निवासी सैयद इफ्तिखार अंद्राबी को दी राहत, पासपोर्ट जमा करने और हर 15 दिन में एक बार थाने जाओ?

भारतसुंबली मावस उत्सव: घाटी में गूंजी पुरानी आवाजें, 37 साल बाद कश्मीरी पंडितों ने अपनी मिट्टी को चूमा

क्राइम अलर्टजम्मू-कश्मीर: अपहरण के मामलों में 50% की कमी, लेकिन शून्य पर पहुंचना अभी बाकी

भारतचौंकाने वाला आंकड़ा: कश्मीर में कुत्तों से आगे निकलीं बिल्लियां, 85,000 से ज़्यादा लोग हुए शिकार

भारत3 हजार करोड़ का सवाल है रे बाबा! कश्मीर में शराबबंदी पर छिड़ी बड़ी बहस

भारत अधिक खबरें

भारतईमानदारी के अभाव में शातिर बन जाती है समझदारी

भारत"सरकार हर आयोजन को सड़क पर करा रही है": सड़कों पर नमाज को लेकर सीएम योगी पर अखिलेश का पलटवार

भारतUjjain: श्री महाकाल मंदिर सभा मंडप में सफाई कर्मी महिला को कुत्ते ने काटा

भारत'चंद दिनों के बलात्कार और दुष्कर्म के चंद आंकड़े दे रहा हूँ': नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आंकड़े जारी कर सम्राट सरकार पर बोला तीखा हमला

भारतविकास प्रक्र‍िया में जनजातीय समाज को शामिल करने प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बनाई नीतियां: मंत्री डॉ. शाह