लाइव न्यूज़ :

CAA, NRC पर 30 जनवरी को देश भर में प्रदर्शन और विरोध मार्च: योगेंद्र यादव, जामिया हिंसा में एक अरेस्ट

By भाषा | Updated: January 24, 2020 19:52 IST

सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने “हम भारत के लोग” के बैनर तले आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “30 जनवरी को ही महात्मा गांधी की नाथूराम गोडसे ने गोली मारकर हत्या कर दी थी और इस दिन को शहीद दिवस के तौर पर जाना जाता है।

Open in App
ठळक मुद्दे30 जनवरी को होने वाले प्रदर्शन में देशभर में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग और छात्र संघ शामिल होंगे।छात्र संघों, शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों समेत विभिन्न वर्गों के लोग द्वारा सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा।

सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने शुक्रवार को कहा कि संशोधित नागरिकता कानून और एनआरसी के खिलाफ 30 जनवरी को होने वाले प्रदर्शन में देशभर में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग और छात्र संघ शामिल होंगे।

यादव ने यहां “हम भारत के लोग” के बैनर तले आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “30 जनवरी को ही महात्मा गांधी की नाथूराम गोडसे ने गोली मारकर हत्या कर दी थी और इस दिन को शहीद दिवस के तौर पर जाना जाता है।

छात्र संघों, शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों समेत विभिन्न वर्गों के लोग द्वारा सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा।” जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष एन साईं बालाजी ने कहा कि देश भर के 60 छात्र संघों के प्रतिनिधि 30 जनवरी को “सत्याग्रह मानव” के लिये राजघाट पर जुटेंगे। 

जामिया हिंसक प्रदर्शन मामले में गिरफ्तार व्यक्ति को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के नजदीक पिछले महीने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार व्यक्ति को दिल्ली की अदालत ने शुक्रवार को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

मुख्य नगर दंडाधिकारी गुरमोहिना कौर ने जामिया निवासी फुरकान को 27 जनवरी तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने गुरुवार शाम को उसे गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बताया कि आरोपाी को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ्तार किया गया जिसमें वह कनस्तर लिए हुए दिखाई दे रहा है।

फुरकान के वकील अलमदार हुसैन नकवी ने कहा कि कनस्तर खाली था और उनका मुवक्किल पानी भरने जा रहा था। उल्लेखनीय है कि 15 दिसंबर को सीएए के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक हो गया था और भीड़ ने दिल्ली परिवहन निगम की चार बसों, 100 निजी वाहनों और पुलिस की 10 बाइक में तोड़फोड़ की थी।

पुलिस विश्वविद्यालय परिसर में दाखिल हो गई थी और कथित रूप से छात्रों पर हमला किया था। पुलिस ने मामले में फुरकान से पहले 10 लोगों की गिरफ्तारी की थी।

टॅग्स :कैब प्रोटेस्टनागरिकता संशोधन कानूननरेंद्र मोदीगृह मंत्रालयअमित शाह
Open in App

संबंधित खबरें

विश्व'कोई समझौता नहीं, कोई दोहरा मापदंड नहीं': भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने खींची आतंकवाद पर रेखा

विश्वप्रेस फ्रीडम पर पीएम मोदी के ‘सवाल टालने’ पर नॉर्वेजियन पत्रकारों के साथ MEA की तीखी बहस, विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) कहा- "बताता हूँ भारत क्या है" | WATCH

ज़रा हटकेहेमा मालिनी ई-ऑटो से पहुंचीं मीटिंग में, हूटर बजाते हुए निकला ऑटो, वीडियो वायरल

विश्वनीदरलैंड पीएम रॉब जेटन दुनिया में सबसे ज्यादा आबादी वाले देश भारत को क्यों ज्ञान दे रहे हैं?

भारत'भारत अब नक्सल-मुक्त है': अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में उग्रवाद के खात्मे की घोषणा की

भारत अधिक खबरें

भारतUjjain: श्री महाकाल मंदिर सभा मंडप में सफाई कर्मी महिला को कुत्ते ने काटा

भारत'चंद दिनों के बलात्कार और दुष्कर्म के चंद आंकड़े दे रहा हूँ': नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आंकड़े जारी कर सम्राट सरकार पर बोला तीखा हमला

भारतविकास प्रक्र‍िया में जनजातीय समाज को शामिल करने प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बनाई नीतियां: मंत्री डॉ. शाह

भारतक्या बीजेपी में शामिल होंगे रेवंत रेड्डी? तेलंगाना सीएम को लेकर निज़ामाबाद के सांसद धर्मपुरी के बयान ने मचाई सनसनीखेज

भारत2020 Delhi riots case: अदालत ने बीमार माँ की देखभाल के लिए उमर खालिद को अंतरिम ज़मानत देने से किया इनकार