लाइव न्यूज़ :

हास्य कलाकार कुणाल कामरा पर अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के बारे में न्यायालय का फैसला कल

By भाषा | Updated: December 17, 2020 14:08 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 17 दिसंबर उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि शीर्ष अदालत के लिए कथित अपमानजनक ट्वीट करने के मामले में हास्य कलाकार कुणाल कामरा के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही करने के लिये दायर याचिकाओं पर वह शुक्रवार को फैसला करेगा ।

न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ के समक्ष ये याचिकाएं सुनवाई के लिए आईं। इनमें से एक याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता निशांत आर कटनेश्वर्कर ने दावा किया कि कामरा ने न्यायपालिका के लिए अपमानजनक ट्वीट किए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ये सभी ट्वीट अपमानजनक हैं और हमने इस मामले में अटॉर्नी जनरल से सहमति मांगी थी।’’

कटनेश्वर्कर ने अटॉर्नी जनरल के. वेणुगोपाल का पत्र अदालत में पढ़ा जिसमें कामरा के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने को लेकर सहमति दी गई है।

इस पर पीठ ने वकील से कहा कि वह हास्य कलाकार के कथित अवमानना करने वाले ट्वीट यहां नहीं पढ़ें क्योंकि न्यायालय पहले ही वेणुगोपाल का पत्र देख चुका है।

उल्लेखनीय है कि किसी व्यक्ति के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के लिए अदालत को अवमानना अधिनियम-1971 की धारा-15 के तहत अटॉर्नी जनरल या सॉलिसीटर जनरल की सहमति लेनी होती है।

अटॉर्नी जनरल ने कामरा के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने पर सहमति देते हुए कहा कि ट्वीट ‘‘खराब भावना’’ लिए हुए थे और यह समय है जब लोग समझें कि शीर्ष अदालत पर ढिठाई से हमला करने पर अदालत अवमानना अधिनियम-1971 के तहत सजा हो सकती है।

कामरा के खिलाफ दायर याचिकाओं में एक याचिका विधि के छात्र श्रीरंग कटनेश्वर्कर ने दायर की है और उन्होंने दावा किया कि 11 नवंबर को कामरा ने ये ट्वीट तब करने शुरू किए जब वर्ष 2018 में आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी पत्रकार अर्नब गोस्वामी ने अग्रिम जमानत याचिका बंबई उच्च न्यायालय द्वारा खारिज करने के फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी और शीर्ष अदालत में सुनवाई चल रही थी।

याचिका में आरोप लगाया गया कि 11 नवंबर को अर्नब गोस्वामी को शीर्ष अदालत द्वारा जमानत दिए जाने के बाद कामरा ने फिर कई ट्वीट किए जो उच्चतम न्यायालय के लिए आपमाजनक थे और उन्होंने शीर्ष अदालत की गरिमा को और कम किया।

याचिका में दावा किया गया, ‘‘कथित अवमानना करने वाले (कामरा) का ट्विटर पर 17 लाख लोग अनुसरण करते हैं और कथित अवमानना करने वाले ट्वीट को उनका अनुसरण करने वालों ने देखा और कई ने उन्हें रीट्वीट किया।’’

इसमें आरोप लगाया गया कि जब कुछ लोगों ने कामरा को अदालत की अवमानना को लेकर आगाह किया तो उन्होंने ‘‘अशिष्ट, आक्रमक और बिना पश्चाताप’’ वाला व्यवहार किया और दिखाया कि शीर्ष अदालत के लिए उनमें ‘ सम्मान’ नहीं है।

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि कामरा के ट्वीट इतने ‘खराब भावना’ लिए हुए थे कि साधारण व्यक्ति भी समझ सकता है कि वे शीर्ष अदालत के लिए अपमानजनक हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय नागरिकों में विधि द्वारा स्थापित अदालत के प्रति शीर्ष सम्मान है। देश में कानून का अनुपालन करने वाला कोई भी व्यक्ति इस तरह के ट्वीट को बर्दाश्त नहीं कर सकता जिस तरह का ट्वीट कथित अवमानना करने वाले (कामरा) ने किया।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटलगातार 4 हार और जसप्रीत बुमराह ने 5 मैच में नहीं लिए कोई विकेट?, क्या मुंबई इंडियंस में सबकुछ ठीक नहीं, पूर्व स्टार खिलाड़ी ने खड़े किए सवाल?

स्वास्थ्यHeatwave Alert: पारा 40 के पार; सेहत का रखें ख्याल, जानें इस गर्मी में क्या करें और क्या न करें

भारतलगातार तीसरी बार उपसभापति चुने गए हरिवंश नारायण सिंह?, पीएम मोदी बोले- सदन को आप पर भरोसा, साथ लेकर चलने का प्रयास, वीडियो

भारतगिरगिट की तरह रंग बदलने वाली पार्टी कांग्रेस-सपा?, बसपा प्रमुख मायावती ने कहा-SC, ST और OBC समाज पर बात ना करें राहुल गांधी, एक्स पर 7 प्वाइंट में रखीं बात?

क्राइम अलर्टनासिक टीसीएस मामलाः मैं गर्भवती हूं, मुझे राहत दीजिए?, 'धर्मांतरण' मामले की आरोपी निदा खान की गुहार

भारत अधिक खबरें

भारतनारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू, आज लोकसभा में होगी वोटिंग; विपक्ष के कड़े रुख ने बढ़ाई सियासी तपिश

भारतसंसद में तीखी बहस के बीच महिला आरक्षण को मिली हरी झंडी, देशभर में जमीनी स्तर पर कानून लागू

भारतऐसे तो उद्योगों का भला नहीं होने वाला है...!  

भारतNari Shakti Vandan Adhiniyam: महिलाएं राजनीति में सुधार ला सकेंगी?

भारतNari Shakti Vandan Adhiniyam: समावेशी लोकतंत्र की निर्णायक दिशा में कदम