लाइव न्यूज़ :

चीन ने डोकलाम के पास तैनात किया परमाणु बॉम्बर, भारतीय सीमा से केवल 1150 किमी दूर क्रूज मिसाइल रखे

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: September 25, 2020 07:39 IST

भारत के साथ पूर्वी लद्दाख में जारी तनाव के बीच चीन अब भी बाज नहीं आ रहा है. ऐसी सूचना है कि उसने भूटान से लगे डोकलाम के पास अपने एच-6 परमाणु बॉम्बर और क्रूज मिसाइल को तैनात किया है.

Open in App
ठळक मुद्देभूटान से लगे डोकलाम के पास चीन ने एच-6 परमाणु बॉम्बर और क्रूज मिसाइल को तैनात कियाअपने गोलमुड एयरबेस पर कर रहा है खतरनाक हथियारों की तैनाती, तनाव बढ़ने की आशंका

चीन अब भारत के पूर्वी हिस्से में तनाव का नया मोर्चा खोल रहा है. उसने भूटान से लगे डोकलाम के पास अपने एच-6 परमाणु बॉम्बर और क्रूज मिसाइल को तैनात किया है. चीन इन विनाशकारी हथियारों की तैनाती अपने गोलमुड एयरबेस पर कर रहा है. यह एयरबेस भारतीय सीमा से मात्र 1150 किलोमीटर दूर है.

इससे पहले चीन ने इस घातक बॉम्बर की तैनाती अक्साइचिन के काशगर एयरबेस पर की थी. वैश्विक खुफिया निगरानी संस्था स्टार्टफोर की ओर से जारी एक रिपोर्ट में सैटलाइट तस्वीरों के हवाले से कहा गया है कि इस बॉम्बर के साथ केडी-63 लैंड अटैक क्रूज मिसाइल भी नजर आ रही है, इस मिसाइल की मारक क्षमता करीब 200 किलोमीटर है. इसके अलावा एयरबेस पर शियान वाई-20 मालवाहक सैन्य विमान भी नजर आ रहा है.

चीनी एच -6 के बॉम्बर को लंबी दूरी पर स्थित टारगेट को निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया है. यह विमान परमाणु हमला करने में भी सक्षम है. चीन ने इस विमान को विशेष रूप से अमेरिका के गुआम बेस को निशाना बनाने के लिए शामिल किया है. इसके पिछले मॉडल में मिसाइल की क्षमता सीमित थी लेकिन इसे अपग्रेड कर अब और उन्नत बनाया गया है.

डोकलाम में गतिविधियां तेज

2017 में डोकलाम में ही भारत और चीन के बीच विवाद हुआ था और फिर 73 दिन के गतिरोध के बाद चीन के सैनिकों को पीछे हटना पड़ा था. खुफिया सूत्रों के मुताबिक चीन ने जून और जुलाई में डोकलाम के पास नए निर्माण काम किए हैं. अपनी गतिविधि बढ़ाई है. सिंच ला और टोरसा नाला के साथ साथ लगी दीवार पर काम आगे बढ़ा रहा है.

सिंच-ला के पश्चिम की तरफ चोटियों पर करीब 13 बिजली के खंभे भी देखे गए हैं. डोकलाम एक ट्राई जंक्शन है जहां भारत, चीन और भूटान की सीमा मिलती है. यह सामरिक रूप से अहम है क्योंकि अगर चीन इस इलाके में आगे आता है तो भारत के पूर्वी इलाके के लिए दिक्कत हो सकती है.

2017 के बाद से चीन ने पिछले तीन साल में वास्तविक नियंत्रण रेखा से लगे अपने इलाके में हवाई ठिकानों की संख्या को दोगुना कर दिया है. इसके अलावा भारतीय विमानों और मिसाइलों को मार गिराने के लिए एयर डिफेंस पोजिशन और हेलिपोर्ट की संख्या को भी बढ़ाकर दोगुना कर दिया है. चीन ने यह तैयारी लद्दाख में तनाव पैदा करने के ठीक पहले की जिससे उसकी मंशा अब खुलकर सामने आ रही है.

टॅग्स :चीनलद्दाखइंडियाडोकलाम
Open in App

संबंधित खबरें

विश्वकतर, सऊदी अरब और यूएई के अनुरोध पर ईरान पर हमला नहीं किया, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा-युद्ध में मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान पर कोई बात नहीं

विश्वराष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बीजिंग यात्रा, ताइवान का जिक्र नहीं?, व्हाइट हाउस ने फैक्ट शीट जारी किया

भारत'भारतवासियों का विश्वास मुझे न रुकने देता है, न थकने' नीदरलैंड्स में बोले PM मोदी

विश्वशी जिनपिंग और ट्रंप में बनी सहमति! ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज संकट पर चीन दौरे के बाद ट्रंप का बड़ा खुलासा

भारतयह समय राजनीति का नहीं, देश संभालने का है

भारत अधिक खबरें

भारत'चंद दिनों के बलात्कार और दुष्कर्म के चंद आंकड़े दे रहा हूँ': नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आंकड़े जारी कर सम्राट सरकार पर बोला तीखा हमला

भारतविकास प्रक्र‍िया में जनजातीय समाज को शामिल करने प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बनाई नीतियां: मंत्री डॉ. शाह

भारतक्या बीजेपी में शामिल होंगे रेवंत रेड्डी? तेलंगाना सीएम को लेकर निज़ामाबाद के सांसद धर्मपुरी के बयान ने मचाई सनसनीखेज

भारत2020 Delhi riots case: अदालत ने बीमार माँ की देखभाल के लिए उमर खालिद को अंतरिम ज़मानत देने से किया इनकार

भारतइंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा सहित मप्र के पांच कलेक्टर फेम इंडिया-एशिया पोस्ट की सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी 2026 सूची में शामिल