मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 16 अप्रैल से प्रदेश में जनगणना का शुभारंभ हो रहा है। यह सिर्फ आंकड़ों की प्रक्रिया नहीं बल्कि हमारे राष्ट्र के भविष्य को सही दिशा देने का महत्वपूर्ण कदम है। जनगणना देश की रीढ़ है, यह विकास की नींव है। इस बार की जनगणना डिजिटल और आधुनिक तकनीक के साथ हो रही है। प्रदेशवासियों को इसमें पूर्ण निष्ठा और सत्यता के साथ भाग लेना चाहिये। यह जनगणना हमारे बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए है।
प्रदेश में 16 से 30 अप्रैल तक ऑनलाईन स्व-गणना का कार्य होगा। एक से 30 मई तक मकान सूचीकरण होगा। यह प्रक्रिया डिजिटल रूप से होगी। मुख्यमंत्री डॉ . यादव ने प्रदेश में जनगणना 2027 की प्रक्रिया के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में आयोजित कार्यक्रम में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व-गणना पोर्टल se.census.gov.in पर प्रारंभिक पंजीकरण कर प्रदेश में स्व-गणना प्रक्रिया का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों की प्रक्रिया नहीं बल्कि राष्ट्र के भविष्य को सही दिशा देने का महत्वपूर्ण कदम है। इससे हम जान सकेंगे कि विकास की धारा समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सुगमता से पहुंच रही है या नहीं। यह जनगणना हमारी अगली पीढ़ी के उज्जवल भविष्य के लिए है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि जनगणना में वह सही, सटीक और पूर्ण जानकारी दे। जनगणना में लगे कर्मचारी-अधिकारी राष्ट्र निर्माण का पवित्र कार्य कर रहे हैं। उनका परिश्रम और सटीकता से किया गया कार्य देश के भविष्य को मजबूत बनाएगा।