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CAA Protest: पुलिस ने सिद्धारमैया को थमाया नोटिस, कहा- आपका मेंगलूरु दौरा कानून-व्यवस्था बिगाड़ सकता है

By रोहित कुमार पोरवाल | Updated: December 21, 2019 10:00 IST

संशोधित नागरिकता कानून (CAA) को लेकर विरोध कर रहे कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पुलिस ने उनके मेंगलूरु दौरे के लिए नोटिस थमाया है। मेंगलूरु पुलिस कमिश्नर की ओर जारी किए गए नोटिस में कहा गया है कि सिद्धारमैया के शहर में प्रवेश करने से कानून-व्यवस्था की स्थिति बन सकती है।

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ठळक मुद्देकर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पुलिस ने मेंगलूरु दौरे के लिए नोटिस जारी किया है।पुलिस नोटिस में कहा गया है कि सिद्धारमैया के शहर में प्रवेश से कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है।

संशोधित नागरिकता कानून (CAA) को लेकर विरोध कर रहे कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पुलिस ने उनके मेंगलूरु दौरे के लिए नोटिस थमाया है। मेंगलूरु पुलिस कमिश्नर की ओर जारी किए गए नोटिस में कहा गया है कि सिद्धारमैया के शहर में प्रवेश करने से कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है।

बता दें कि नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा लागू किए गए संशोधित नागरिकता कानून को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दल और संगठन इसे वापस लिए जाने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, कुछ जगहों पर विरोध प्रदर्शन ने हिंसा की शक्ल भी अख्तियार की। अब तक हुए हिंसक प्रदर्शन में जान और माल की हानि शामिल है। 

कांग्रेस पार्टी का कहना है कि मोदी सरकार द्वारा लागू किया गया सीएए लोकतंत्र विरोधी है और इससे देश के गरीब लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। शुक्रवार (20 दिसंबर) को नई दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदर्शनकारियों के बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि अमीर आदमी अपना पासपोर्ट दिखाकर बच जाएगा लेकिन गरीब आदमी कहां जाएगा। उन्होंने संशोधित नागरिकता कानून को गरीब जनता के लिए सबसे ज्यादा हानिकारक बताया।

इसी के साथ दिल्ली के जामा मस्सिद में जुमे की नवाज के बाद प्रदर्शन उग्र रूप लेते-लेते थम गया। हालांकि, कुछ एक आगजनी की वारदातें हुई लेकिन मीडिया में ऐसी खबरें आईं कि केंद्रीय नेतृत्व में पुलिस की चौकसी के कारण दिल्ली में बड़ी हिंसा को टाला जा सका।

बता दें कि रविवार को दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में सीएए के विरोध में प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया था और पुलिस को उसे शांत करने के लिए आंंसू गैस के गोले दागने के साथ ही लाठी चार्ज करना पड़ा था। इस पुलिस कार्रवा्ई में कई छात्रों को चोटें आई थीं।

टॅग्स :कैब प्रोटेस्टसिद्धारमैयाकांग्रेसनागरिकता संशोधन कानून 2019मोदी सरकार
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