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31 साल पुराने केस में सांसद पप्पू यादव अरेस्ट, आखिर 1995 में क्या हुआ था, राहुल और प्रियंका गांधी ने कहा- राजनीतिक प्रतिशोध

By एस पी सिन्हा | Updated: February 7, 2026 17:08 IST

वकील ऋषिकेश नारायण नारायण सिन्हा ने बताया कि '9 फरवरी को पप्पू यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई होगी।

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ठळक मुद्देमामले की अगली सुनवाई सोमवार 9 फरवरी को होगी।पुलिस कस्टडी में इलाज होगा। पप्पू यादव की स्वास्थ्य स्थिति को प्राथमिकता दी।

पटनाः पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात पटना स्थित उनके आवास से गिरफ्तार करने के बाद शनिवार को मेडिकल जांच के बाद एंबुलेंस से पटना सिविल कोर्ट  में पेश किया गया। कोर्ट ने 31 साल पुराने केस में गिरफ्तार पप्पू यादव को कोर्ट न्यायिक हिरासत में भेज दिया। हालांकि, पप्पू यादव फ़िलहाल जेल नहीं जाएंगे बल्कि उन्हें स्वास्थ्य कारणों से कोर्ट ने अस्पताल ने जाने की अनुमति दी है। वे फ़िलहाल पीएमसीएच में रहेंगे। वहीं उनका पुलिस कस्टडी में इलाज होगा। मामले की अगली सुनवाई सोमवार 9 फरवरी को होगी।

वकील ऋषिकेश नारायण नारायण सिन्हा ने बताया कि '9 फरवरी को पप्पू यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई होगी। दरअसल, एक मकान पर कब्जे से जुड़े मामले में पप्पू यादव को शुक्रवार रात पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उनकी गिरफ्तारी के पहले हाई वोल्टेज ड्रामा भी देखने को मिला। इसके बाद उन्होंने तबीयत खराब होने का हवाला दिया तो पुलिस उन्हें आईजीआईएमएस ले गई।

पप्पू यादव को पटना सिविल कोर्ट स्थित एसीजीएम-1 की अदालत में पेश किया गया

लेकिन वहां बेड नहीं मिलने के कारण शनिवार को सुबह पीएमसीच में शिफ्ट किया गया। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के दौरान उन्हें चोट लगी थी। जिस कारण उनके सिर में दर्द है। पुलिस एंबुलेंस के जरिए शनिवार को पप्पू यादव को पटना सिविल कोर्ट स्थित एसीजीएम-1 की अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पप्पू यादव की स्वास्थ्य स्थिति को प्राथमिकता दी।

कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए कहा कि पप्पू यादव को पीएमसीएच में मेडिकल कस्टडी में रखा जाए। बता दें कि पप्पू यादव को 31 पुराने (1995) एक मामले में गिरफ्तार किया है। उनकी गिरफ्तारी ऐसे वक्त में हुई है, जब वे पटना में नीट छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत मामले में सरकार को घेरने में जुटे हुए थे।

भाजपा-जदयू ने इसे नियमों के अनुरूप बताया

पप्पू यादव ने शुक्रवार को ही उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को खुली चुनौती दी थी और रात में उनकी गिरफ्तारी हो गई। इससे बिहार का सियासी पारा काफी चढ़ गया है। पप्पू यादव की गिरफ्तारी को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने 'राजनीतिक प्रतिशोध' बताया है। वहीं भाजपा-जदयू ने इसे नियमों के अनुरूप बताया है।

अब इस मामले में भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने पप्पू यादव की गिरफ्तारी को जायज ठहराते हुए उन्हें क्राइम की दुनिया का बड़ा नाम बताया है। उन्होंने कहा कि अजीत सरकार के हत्या कराने वाला पप्पू यादव है। बृज बिहारी की हत्या में भी वह शामिल थे। भारतीय भगोड़ा फ्रेडली को पप्पू यादव ने ही देश से भगाया था। उसे पप्पू यादव ने ही नेपाल पहुंचाया था।

रेलवे की फर्स्ट क्लास में पप्पू यादव की सीट के नीचे छुप कर नेपाल भागा था

संजय जायसवाल ने कहा कि फ्रेडली ने अपने नोट बुक में लिखा है कि रेलवे की फर्स्ट क्लास में वह पप्पू यादव की सीट के नीचे छुप कर नेपाल भागा था। ये वही फ्रेडली है, जिसने पुरुवलिया में एके-47 गिराई थी। उन्होंने कहा कि चाइना से जितना स्मलिंग का समान आता है, वो सब पूर्णिया होकर आता है। सब में पप्पू यादव शामिल हैं। यह व्यक्ति जब अपराध पर बोलता है तो हंसी आती है।

दुख इस बात का है कि यह व्यक्ति जेल के बजाय बाहर कैसे है? यह सोचने वाली बात है। जबकि, लोकसभा के नेता विपक्ष राहुल गांधी ने एनडीए सरकार पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करके लिखा कि पटना में नीट की आकांक्षी छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत और उसके बाद की पूरी कार्रवाई ने एक बार फिर सिस्टम की गहरी सड़ांध को उजागर कर दिया है।

निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की, तो वही पुराना भाजपा-एनडीए मॉडल सामने आ गया

उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार ने जब निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की, तो वही पुराना भाजपा-एनडीए मॉडल सामने आ गया। केस को भटकाओ, परिजनों को प्रताड़ित करो और अपराधियों को सत्ता का संरक्षण दो। इस बेटी के लिए न्याय की आवाज बनकर साथी सांसद पप्पू यादव जी मजबूती से खड़े हुए।

आज उनकी गिरफ्तारी साफ तौर पर राजनीतिक प्रतिशोध है, ताकि जवाबदेही मांगने वाली हर आवाज को डराया और दबाया जा सके। सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि यह घटना किसी एक मामले तक सीमित नहीं दिखती। राहुल गांधी ने कहा कि यह एक भयावह साजिश और खतरनाक पैटर्न की ओर इशारा करती है, जहां और भी बेटियां शिकार बन रही हैं और सत्ता इस खौफनाक सच्चाई से आंखें मूंद कर बैठी है।

केस सामने आने के बाद सरकार का रवैया उससे भी ज्यादा खौफनाक

यह राजनीति नहीं, इंसाफ का सवाल है। यह बिहार की बेटी की इज्जत और सुरक्षा का सवाल है। वहीं, प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी पप्पू यादव का समर्थन करते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि पटना के हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा के साथ रेप और हत्या का मामला झकझोर देने वाला है। यह केस सामने आने के बाद सरकार का रवैया उससे भी ज्यादा खौफनाक है।

प्राथमिकी दर्ज होने से लेकर जांच और कार्रवाई तक सबकुछ संदिग्ध बना दिया गया है। यह सब किसे बचाने के लिए किया जा रहा है? प्रियंका ने कहा कि हाथरस, उन्नाव से लेकर अंकिता भंडारी और पटना तक, जहां भी महिलाओं के साथ अत्याचार होता है, भाजपा की सरकारें पीड़िता को न्याय दिलाने की जगह आरोपियों के साथ खड़ी हो जाती हैं।

पप्पू यादव को जिस मामले में गिरफ्तार किया गया है, वह साल 1995 का

इस केस में आवाज उठा रहे सांसद पप्पू यादव जी की गिरफ्तारी इसी असंवेदनशील रवैये की एक और कड़ी है। भाजपा और उनके सहयोगियों का एजेंडा स्पष्ट है- वे अन्याय और अत्याचार के साथ खड़े हैं।उधर, जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि इसे राजनीति से प्रेरित बताना गलत है, क्योंकि यह एक पुराना कानूनी मामला है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि लंबे समय तक अदालत में उपस्थित नहीं होने के कारण ही उनके खिलाफ कुर्की-जब्ती के आदेश जारी किए गए थे। राजीव रंजन ने जोर देते हुए कहा कि सांसद को राजनीतिक बयानबाजी के बजाय अदालत के फैसले का सम्मान करना चाहिए। बता दें कि पप्पू यादव को जिस मामले में गिरफ्तार किया गया है, वह साल 1995 का है।

धारा 419, 420, 468, 448, 506 और 120बी के तहत मामला दर्ज किया गया था

उस वक्त विनोद बिहारी लाल ने पटना के गर्दनीबाग थाने में एक शिकायत दर्ज कराकर पप्पू यादव पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि पप्पू यादव ने घर को पर्सनल यूज के लिए लिया था, लेकिन उसे राजनीतिक कार्यालय बना लिया। उन्होंने कहा कि मकान लेते वक्त इस तथ्य को छिपाया गया।

इस मामले में पप्पू यादव के खिलाफ धारा 419, 420, 468, 448, 506 और 120बी के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में अदालत की ओर से सांसद को समन जारी करके पेश होने को कहा गया था। बार-बार समन जारी होने के बावजूद पप्पू यादव कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे। इसके बाद पटना की एक विशेष अदालत ने उनके खिलाफ वारंट और संपत्ति कुर्की के आदेश जारी किए थे,

जिसके आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। पटना एसपी सिटी भानु प्रताप सिंह ने कहा कि 1995 में दर्ज एक मामले में ट्रायल चल रहा है। जिसमें सांसद को कोर्ट में उपस्थित होना था, लेकिन वे तय तारीख पर उपस्थित नहीं हुए। इस कारण उनको गिरफ्तार किया गया है। इधर, पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर जमकर विरोध हो रहा है। उनके समर्थक सड़क पर उतर गए हैं।

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