लाइव न्यूज़ :

बिहार में पहली बार, 80,000 शिक्षकों के लिए आचरण संहिता, किसी भी दल नहीं जुड़ेंगे टीचर, जानिए गाइडलाइंस

By एस पी सिन्हा | Updated: August 24, 2020 19:19 IST

अब कोई भी शिक्षक न तो किसी प्रकार का नशा करेगा और ना ही किसी राजनीतिक दल से किसी प्रकार से संबद्ध रहेगा. यदि ऐसा पाया गया तो उस पर आचरण संहिता के उल्लंघन के आरोप में कार्रवाई होगी. हाल के दिनों में शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न प्रकार के शिक्षकों से जुड़ी चार संशोधित सेवाशर्तें अधिसूचित और लागू की गई हैं.

Open in App
ठळक मुद्देशिक्षकों को कई तरह की सुविधाएं दी गई हैं, वहीं उन्हें बच्चों के बेहतर चरित्र निर्माण को देखते हुए कई बंदिशों में भी बांधा गया है. अब कोई भी शिक्षक न तो किसी प्रकार का नशा करेगा और ना ही किसी राजनीतिक दल से संबद्ध रहेगा.यदि ऐसा पाया गया तो उस पर आचरण संहिता के उल्लंघन के आरोप में कार्रवाई होगी. कार्रवाई का स्वरूप क्रियाकलाप के मुताबिक तय होगा.

पटनाः बिहार के पहली बार प्राथमिक से लेकर प्लसटू तक के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत करीब 80 हजार नियोजित शिक्षकों के लिए आचरण संहिता लागू की गई है.

अब कोई भी शिक्षक न तो किसी प्रकार का नशा करेगा और ना ही किसी राजनीतिक दल से किसी प्रकार से संबद्ध रहेगा. यदि ऐसा पाया गया तो उस पर आचरण संहिता के उल्लंघन के आरोप में कार्रवाई होगी. हाल के दिनों में शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न प्रकार के शिक्षकों से जुड़ी चार संशोधित सेवाशर्तें अधिसूचित और लागू की गई हैं.

सभी में शिक्षकों के लिए नौ बिंदुओं पर आचरण संहिता का स्पष्ट उल्लेख किया गया है. संशोधित नियमावली के जरिये जहां शिक्षकों को कई तरह की सुविधाएं दी गई हैं, वहीं उन्हें बच्चों के बेहतर चरित्र निर्माण को देखते हुए कई बंदिशों में भी बांधा गया है. अब कोई भी शिक्षक न तो किसी प्रकार का नशा करेगा और ना ही किसी राजनीतिक दल से संबद्ध रहेगा.

यदि ऐसा पाया गया तो उस पर आचरण संहिता के उल्लंघन के आरोप में कार्रवाई होगी. कार्रवाई का स्वरूप क्रियाकलाप के मुताबिक तय होगा. विभाग के अपर मुख्य सचिव आरके महाजन द्वारा जारी इन अधिसूचनाओं के मुताबिक प्रारंभिक व माध्यमिक-उच्च माध्यमिक शिक्षकों के लिए आठ आचार संहिताओं का पालन समान रूप से करना है, जबकि एक संहिता दोनों कोटि के शिक्षकों के लिए अलग-अलग है.

आचरण संहिता नई नियमावली से नियुक्त शिक्षकों के लिए पहली बार लागू हुई है. इसमें सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का विशेष ख्याल रखा गया है. इसी के मद्देनजर उनमें अच्छे चरित्र निर्माण को लेकर शिक्षकों के लिए भी जरूरी वर्जनाएं तय की गई हैं.

इस संबंध में शिक्षा विभाग के प्रवक्ता अमित कुमार ने बताया कि आचरण संहिता नई नियमावली से नियुक्त शिक्षकों के लिए पहली बार लागू हुई है. इसमें सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का विशेष ख्याल रखा गया है. इसी के मद्देनजर उनमें अच्छे चरित्र निर्माण को लेकर शिक्षकों के लिए भी जरूरी वर्जनाएं तय की गई हैं.

टॅग्स :बिहारपटनानीतीश कुमारटीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट
Open in App

संबंधित खबरें

भारततख्त श्री पटना साहिब गुरुद्वारे में माथा टेकने पटना पहुंचे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केन्द्र सरकार और भाजपा पर बोला तीखा हमला

भारतबिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की उद्योगपतियों को बिहार वापस आने और प्रदेश में ही उद्योग लगाने की अपील

भारतबिहार में पिछले एक माह में 8 हजार 681 बच्चों के गायब होने की बात आई सामने, 85 प्रतिशत संख्या लड़कियां हुईं गायब

स्वास्थ्यबिहार में हर साल कैंसर से 80000 मौत?, प्रतिवर्ष 1.20 लाख नए रोगी, देश में चौथे स्थान पर बिहार, आईजीआईएमएस रिपोर्ट में खुलासा?

क्राइम अलर्टसासाराम-पटना यात्री ट्रेन में भीषण आग, यात्रियों में दहशत, देखिए वीडियो

भारत अधिक खबरें

भारत'भारत अब नक्सल-मुक्त है': अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में उग्रवाद के खात्मे की घोषणा की

भारतMadhya Pradesh: खेलते‑खेलते कार में बंद 4 साल की बच्ची की मौत, दो घंटे तक किसी ने नहीं देखा

भारतमुंबई और अहमदाबाद के बीच भारत की पहली बुलेट ट्रेन की पहली झलक सामने आई

भारतमहाराष्ट्र के पालघर में शादी के परिवार को ले जा रहे एक ट्रक की दूसरे ट्रक से टक्कर, 12 की मौत, 20 से ज़्यादा घायल

भारतरांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में महिला कैदी का किया गया यौन शोषण, हुई गर्भवती, कराया गया गर्भपात! नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र