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राम मंदिर ट्रस्ट का एलान 9 फरवरी से पहले होगा, CAA और NRC अलग-अलग विषय हैं: अमित शाह

By रोहित कुमार पोरवाल | Updated: January 2, 2020 23:20 IST

गृहमंत्री शाह ने कहा कि भारत सरकार ने प्रताड़ित मुस्लिमों को भी नागरिकता दी है। उन्होंने कहा कि एनआरसी जब लाएंगे तब उस पर चर्चा होगी।

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ठळक मुद्देअमित शाह ने कहा कि राम मंदिर कैसा होगा, इसका फैसला ट्रस्ट करेगा।गृहमंत्री ने कहा कि सीएए किसी भी भारतीय की नागरिकता नहीं ले सकता है। इसमें नागरिकता देने का प्रावधान है। इसे लेकर गहलफहमी फैलाई गई है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक हिंदी समाचार चैनल पर दिए साक्षात्कार में कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट का एलान 9 फरवरी से पहले होगा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर कैसा होगा, इसका फैसला ट्रस्ट करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर का मुद्दा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के चुनावी घोषणा पत्र का हिस्सा है था। 

इसके अलावा उन्होंने संशोधित नागरिकता कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) जैसे मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने सीएए और एनआरसी को लेकर स्पष्ट किया कि दोनों अलग-अलग विषय हैं।

गृहमंत्री ने कहा कि सीएए किसी भी भारतीय की नागरिकता नहीं ले सकता है। इसमें नागरिकता देने का प्रावधान है। इसे लेकर गहलफहमी फैलाई गई है। गृहमंत्री शाह ने कहा कि सीएए से संविधान के अनुच्छेद 14 (ए) का उल्लंघन नहीं होता है। धर्म के आधार पर किसी को नागरिकता देने का प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी शरणार्थी हमारे भाई हैं, उनको सम्मान दिया जाएगा। 

गृहमंत्री शाह ने कहा कि भारत सरकार ने प्रताड़ित मुस्लिमों को भी नागरिकता दी है। उन्होंने कहा कि एनआरसी जब लाएंगे तब उस पर चर्चा होगी।

इसके अलावा गृहमंत्री शाह ने झारखंड की हार को लेकर कहा कि यह उनकी पार्टी के लिए आत्मचिंतन का विषय है। दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि पार्टी का संसदीय बोर्ड मुख्यमंत्री उम्मीदवार का चेहरा तय करेगा। पश्चिम बंगाल को लेकर उन्होंने कहा कि वहां बीजेपी की जीत सुनिश्चित है, पार्टी वहां दो तिहाई सीटें जीतेगी। गृहमंत्री शाह ने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार ही उनके लिए मुख्यमंत्री का चेहरा होंगे।

गृहमंत्री शाह ने राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (NPR) को लेकर कहा कि जनगणना हर 10 वर्षों में होनी है। पहले यह 2011 में हुई थी और अब 2021 में होगी। उन्होंने कहा कि जनगणना और एनपीआर को लेकर किसी से कोई कागजात नहीं मांगे जाएंगे। किसी को निशाना नहीं बनाया जा रहा है। इसका एनआरसी से कोई लेना-देना नहीं है। 

उन्होंने कहा कि देश के अल्पसंख्यकों चिंता करने की जरूरत नहीं है। सीएए के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों को उन्होंने राजनीतिक प्रोटेस्ट बताया। उन्होंने का कि आम जनता को इसे लेकर गुमराह किया गया है, जिससे वे धीरे-धीरे बाहर निकल रहे हैं। 

कश्मीरी नेताओं को छोड़ने को लेकर उन्होंने कहा कि जब स्थानीय प्रशासन मंजूरी देगा को उन्हें छोड़ दिया जाएगा।

इसी के साथ गृहमंत्री शाह ने कहा राहुल और प्रियंका गांधी कानून पढ़े बिना अफवाह फैला रहे हैं। वे एक प्रावधान बता दें जिससे नागरिकता जा रही हो। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वहां हिंसा क्यों नहीं हुई? जनता समझ रही है कि हिंसा कौन करा रहा है।

टॅग्स :अमित शाहराम मंदिरनागरिकता संशोधन कानून
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