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हम पर हॉर्स-ट्रेडिंग का आरोप लगाते हैं, कांग्रेस ने पूरा अस्तबल बेच खाया हैः अमित शाह

By खबरीलाल जनार्दन | Updated: May 21, 2018 19:37 IST

कर्नाटक में बीजेपी बहुमत ना होने के बाद भी सरकार बनाने का दावा पेश किया था। लेकिन सदन में फ्लोर टेस्ट से पहले बीएस येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

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नई दिल्ली, 21 मईः कर्नाटक चुनावों पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी के नजरिए को मीडिया के सामने लेकर आए। उन्होंने कर्नाटक की जनता को सबसे बड़ी पार्टी बनाने के धन्यवाद किया। इस दौरान उन्होंने कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के बीते पांच सालों के कार्यकाल को निशाने पर रखा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, महिला उत्पीड़न, किसानों की आत्महत्या, तुष्टिकरण व ध्रुवीकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए उन्होंने सिद्धारमैया सरकार को विफल सरकार बताया। उन्होंने कहा, आजादी के बाद कर्नाटक को नरेंद्र मोदी सरकार ने योजनाएं और पैसे निस्तारित किए।

उन्होंने कहा कांग्रेस के आधे से ज्यादा मंत्री चुनाव हारे। खुद मुख्यमंत्री एक जगह चुनाव हारे जबकि दूसरी सीट पर बहुत कम मार्जिन वोट से जीते। इस दौरान अमित शाह ने बताया कि कर्नाटक में पूर्ण बहुमत ना होने की बाद भी बीजेपी ने सरकार बनाने का दावा क्यों किया? उन्होंने कहा अगर हम दावा ना करते तो कर्नाटक की जनता से मिले जनादेश के अनुरूप ना होकर उनके खिलाफ कदम होता। दूसरी ओर उन्होंने कांग्रेस के जश्न पर सवाल उठाया। बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि इस वक्त कर्नाटक की जनता जश्न नहीं मना रही है बल्कि कांग्रेस और जेडीएस के कार्यकर्ता जश्न मना रहे है। और कांग्रेस इसी तरह की जश्न मनाना चाहती है तो वे ईश्वर से प्रार्थना करेंगे कि कांग्रेस ऐसे ही बनी रहे।

कर्नाटक में किससे हारी बीजेपी

उन्होंने कहा कि बीजेपी नोटा से भी कम मतों से बीजेपी हारी। बेंगलुरु क्षेत्र बीजेपी करीब छह सीटें इतने कम वोट से हारी जितने वोट नोटा पर डाले गए। उल्लेखनीय है कि बीजेपी 104 सीटों पर सिमट गई थी। कनार्टक में 112 सीटों पर बहुमत थी। लेकिन अमित शाह का दावा कि वे महज 7 सीटें से पीछे रहे। (जरूर पढ़ेंः 27 साल छोटी हैं कुमारस्वामी की दूसरी पत्नी, 14 साल की उम्र में इस फिल्म से किया था डेब्यू)

होटल-रिर्साट में बंद ना होते विधायक तो परिणाम कुछ और होता

अमित शाह का कहना है कि अगर कांग्रेस के विधायक होटल-रिर्साट में बंद ना किए गए होते तो परिणाम कुछ और होते। उनके अनुसार कांग्रेस को जनादेश इसिलए नहीं मिला था कि वो जेडीएस की सरकार बनवाएं। ऐसे में अगर उनके विधायक स्वीमिंग पूल में नहाने के लिए बंद ना किए गए होते तो जनता बता देती क्या असली परिणाम होने चाहिए थी।

गोवा-मणिपुर पर दिया जवाब

अमित शाह ने अल्पमत होने के बाद भी गोवा और मणिपुर में सरकार बनाने को लेकर कहा कि कांग्रेस वहां सबसे बड़ी पार्टी होने बाद सरकार बनाने का दावा ही पेश नहीं कर पाई थी। इस‌ स्थिति में राज्यपाल को दूसरी पार्टी का रुख करना पड़ा। इसके बाद हमने जनता को एक स्‍थाई सरकार दी है। (जरूर पढ़ेंः एचडी कुमारस्वामी आज करेंगे राहुल-सोनिया से दिल्ली में मुलाकात, कांग्रेस को मिल सकते हैं 20 मंत्री पद)

इस मौके पर उन्होंने कांग्रेस के जमाने में हुए ऐसे मामलों का जिक्र करते हुए कहा क‌ि गोवा में एक बार कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली थी। चुनाव परिणामों में कांग्रेस को शून्य सीटें मिली थीं।  लेकिन चुनाव बाद दल-बदल से कांग्रेस में कुछ लोग आए और कांग्रेस ने शून्य सीट के बाद पांच साल प्रदेश में सरकार चलाई।

कांग्रेस-जेडीएस के गठबंधन को बताया अपवित्र

अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस और जेडीएस का गठबंधन अपवित्र है। क्योंकि जेडीएस ने सारी सीटें कांग्रेस और सिद्धारमैया के खिलाफ चुनाव प्रचार कर के जीते हैं। जबकि जेडीएस को कड़ी टक्कर बीजेपी ने दी। लेकिन जेडीएस और कांग्रेस एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रही थीं।कांग्रेस ने जीत की परिभाषा बदली

अमित शाह के अनुसार कांग्रेस कुछ लोकसभा सीटों की जीत को अपनी जीत मान रही है। जबकि कर्नाटक में 122 की तुलना में 78 सीट को अपनी जीत मान रही है। जबकि हमने उन्हें 14 राज्यों से बेदखल कर दिया। (जरूर पढ़ेंः क्या कर्नाटक में बारी-बारी से सरकार चलाएंगे कांग्रेस और जेडी(एस)? कुमारास्वामी ने दिया ये जवाब)

जेडीएस-कांग्रेस के चुनावी बयानों की बंटेंगी कॉपियां

अमित शाह ने कहा कि वे अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद चुनाव प्रचार के दौरान जेडीएस और कांग्रेस के एक दूसरे पर दिए गए बयानों की कॉपियां बांटेंगे।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कर्नाटक के नाटकीय घटनाक्रम के बाद आज मीडिया के सामने आए। कर्नाटक चुनावों के पहले उन्होंने कई सारे साक्षात्कारों में कर्नाटक में बीजेपी की जीत पक्की बताई थी। उन्होंने कई मर्तबे कहा कि कर्नाटक में बीजेपी अपने दम पर सरकार बनाएगी। कमोबेश इसी मानसिकता की वजह से कर्नाटक में 15 मई को त्रिशंकु जनादेश आने के बाद भी बीजेपी ने 112 के बनिस्पद 104 सीटों पर सरकार बनाने का दावा पेश किया। और सदन में बहुमत साबित करने से पहले मुख्यमंत्री बीएस यदियुरप्पा ने इस्तीफा दे दिया।

इसके बाद ऐसी खबरें आई थीं कि कर्नाटक बीजेपी संगठन सरकार बनाने के पक्ष में नहीं थे, लेकिन दिल्ली बीजेपी आलाकमान अड़ गई थी। इसलिए उन्हें सरकार बनानी बड़ी।

टॅग्स :कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2018अमित शाहभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)कांग्रेसजनता दल (सेकुलर)
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