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Bareilly City Magistrate Suspended: अलंकार अग्निहोत्री को इस्तीफा देने के बाद किया गया निलंबित, जांच के घेरे में आया सरकारी अधिकारी

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 27, 2026 09:49 IST

Bareilly City Magistrate Suspended:उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को बरेली नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया और उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए।

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Bareilly City Magistrate Suspended: उत्तर प्रदेश सरकार ने बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को अनुशासनहीनता के आरोप में सोमवार देर रात निलंबित कर दिया। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी थी। इससे पहले अग्निहोत्री ने सरकारी नीतियों विशेषकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े मामले पर नाराजगी जताते हुए सोमवार को पद से इस्तीफा दे दिया था, जिससे एक बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।

सोमवार देर रात जारी एक आदेश के अनुसार, अग्निहोत्री को अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया गया है और साथ ही उन्हें जिलाधिकारी शामली के कार्यालय से सम्बद्ध कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के नियुक्ति अनुभाग-सात से विशेष सचिव अन्नपूर्णा गर्ग के हस्ताक्षर से जारी आदेश में कहा गया है कि अग्निहोत्री ने प्रथम दृष्ट्या अनुशासनहीनता की है, जिसके कारण तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित किया गया है। आदेश में कहा गया है कि विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ आरोपों की जांच के लिए बरेली मंडल के आयुक्त बीएस चौधरी को पदेन जांच अधिकारी नामित किया जाता है।

विशेष सचिव गर्ग ने बताया कि प्रांतीय प्रशासनिक सेवा (पीसीएस) के 2019 बैच के अधिकारी अग्निहोत्री ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह को ईमेल के माध्यम से अपना इस्तीफा भेजा। अपने इस्तीफे के साथ उन्होंने एक वक्तव्य जारी किया जिसमें नए यूजीसी नियमों को ‘‘काला कानून’’ बताया।

उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव को रोकने के लिए 13 जनवरी, 2026 को प्रकाशित यूजीसी के नियमों में विशेष समितियों, हेल्पलाइन और निगरानी दलों की स्थापना अनिवार्य की गई है ताकि विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के छात्रों की शिकायतों का समाधान किया जा सके। अग्निहोत्री ने अपने तीखे और भावनात्मक वक्तव्य में न केवल शासन पर गंभीर आरोप लगाए, बल्कि ब्राह्मण समाज के कथित अपमान, प्रयागराज माघ मेले की घटना और यूजीसी नियम 2026 को लेकर केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला।

उन्होंने केंद्र और राज्य में ब्राह्मण समुदाय के निर्वाचित प्रतिनिधियों से अपने पदों से इस्तीफा देने और समुदाय के साथ खड़े होने का आह्वान किया। उन्होंने यह दावा किया कि सामान्य श्रेणी के लोग दोनों सरकारों से लगातार दूरी बना रहे हैं। 

टॅग्स :University Grants Commissionuttar pradeshBareilly PoliceUttar Pradesh Government
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