लाइव न्यूज़ :

Sero survey: इंदौर में सीरो-सर्वेक्षण में करीब 8% लोगों में कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी मिलीं

By भाषा | Updated: August 29, 2020 15:10 IST

इंदौर में सीरो सर्वे में महिलाओं और पुरुषों में समान रूप से मिली एंटीबॉडी मिली है

Open in App
ठळक मुद्देमहिलाओं और पुरुषों में समान रूप से मिली एंटीबॉडी 45 से 60 साल के लोगों मिली एंटीबॉडी

मध्य प्रदेश में कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित इंदौर में सीरो-सर्वेक्षण से पता चला है कि इसमें शामिल 7.72 फीसद प्रतिभागियों के शरीर में कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित हुई हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शहर में 11 से 23 अगस्त के बीच किए गए इस सर्वेक्षण के नतीजों को सार्वजनिक किया। 

सीरो-सर्वे क्या है? उन्होंने इन नतीजों पर आधारित पुस्तिका का विमोचन किया। गौरतलब है कि सीरो-सर्वेक्षण में रक्त के सीरम की जांच से पता लगाया जाता है कि अगर संबंधित प्रतिभागी पिछले दिनों सार्स-सीओवी-2 (वह वायरस जिससे कोविड-19 फैलता है) के हमले का शिकार हुआ है, तो उसके रोग प्रतिरोधक तंत्र ने किस तरह प्रतिक्रिया दी है और उसके रक्त में इस वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित हुई हैं या नहीं? 

7.72 प्रतिशत लोगों में मिली एंटीबॉडी इंदौर संभाग के आयुक्त (राजस्व) पवन कुमार शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार के राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) की मदद से किए गए सर्वेक्षण में एक साल से अधिक उम्र के 7,103 लोगों के रक्त के नमूने लिए गए। शर्मा ने कहा, "इनमें से 548 नमूनों यानी 7.72 प्रतिशत प्रतिभागियों में सार्स सीओवी-2 (वह वायरस जिससे कोविड-19 फैलता है) के खिलाफ एंटीबॉडी मिली हैं। 

महिलाओं और पुरुषों में समान रूप से मिली एंटीबॉडी खास बात यह है कि सर्वेक्षण में शामिल महिलाओं और पुरुषों, दोनों में समान रूप से इस वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी मिली हैं।" उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण के नतीजों से पता चलता है कि शहर में महामारी से सर्वाधिक प्रभावित इलाकों में संक्रमण को वहीं रोककर नियंत्रित करने के उपाय कामयाब रहे हैं। 

45 से 60 साल के लोगों मिली एंटीबॉडी अधिकारियों ने बताया कि शहर के बॉम्बे बाजार क्षेत्र में 30 फीसद से ज्यादा प्रतिभागियों में कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी मिली हैं। इसके अलावा, 45 से 60 साल के आयु वर्ग में सबसे ज्यादा एंटीबॉडी पायी गयी हैं। 

माना जा रहा है कि सीरो-सर्वेक्षण के तहत रक्त का नमूना लिए जाने के 15 दिन पहले ये लोग कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आ चुके थे। लेकिन महामारी के लक्षण नहीं होने के कारण उन्हें संक्रमण का पता नहीं लगा। 

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इंदौर जिले में 24 मार्च से 27 अगस्त के बीच कोविड-19 के कुल 12,229 मरीज मिले हैं। इनमें से 379 मरीजों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है, जबकि 8,610 लोग उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं। जिले में कोरोना वायरस के प्रकोप की शुरुआत 24 मार्च से हुई, जब पहले चार मरीजों में इस महामारी की पुष्टि हुई थी

टॅग्स :कोरोना वायरसकोविड-19 इंडियाहेल्थ टिप्सइंदौर
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यसन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह

कारोबार1 अप्रैल को झटका, मध्य प्रदेश में दूध महंगा, 2-4 रुपये प्रति लीटर का इजाफा?

स्वास्थ्यरात में सिर्फ़ 11 मिनट ज़्यादा सोने से हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है कम

क्राइम अलर्टइंदौर में खौफनाक हादसा: पिता-पुत्र ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर शंपा पाठक को कार से कुचलकर मार डाला, Airbnb पेंटहाउस विवाद से भड़का खूनी खेल, 13 मार्च को फ्लैट में हुई थी शिफ्ट?

भारतआसाराम बापू इलाज के लिए इंदौर पहुंचे, बेटे नारायण साईं पेशी पर कोर्ट में पेश, पिता-पुत्र का एक ही शहर में संयोग

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्यऑटिज्म : समझ और स्वीकार्यता की जरूरत

स्वास्थ्यफोर्टिफाइड चावल : पोषण या स्वास्थ्य पर संकट ?

स्वास्थ्यचीनी का सेवन कम कीजिए और खाना बनाते समय तेल का प्रयोग 10 प्रतिशत तक घटाएं?, प्रधानमंत्री मोदी बोले-छोटे प्रयास करिए और मोटापे को दूर भगाएं?

स्वास्थ्यसाल 2024 में 34539 लोगों की मौत हार्ट अटैक?, दिल्ली पुलिस और iLive Connect में करार, हृदय बीमारी पर वार

स्वास्थ्य1 अप्रैल से महंगी होंगी दवाइयां; पेनकिलर और एंटीबायोटिक के लिए देने होंगे इतने रुपये, जानें कितनी ढीली होगी जेब