लाइव न्यूज़ :

बिहार में शिक्षा का हाल है बेहाल, तीसरी कक्षा की किताब में छाप दिया उल्टा तिरंगा

By एस पी सिन्हा | Updated: June 24, 2019 18:48 IST

किताबों को छापने के दौरान ऐसी लापरवारी बरती गई कि किताब में गलत रंग का झंडा छपा है और साथ इसी रंग में सारी किताबें की छपाई कर दी गई है.

Open in App
ठळक मुद्देकिताब की छपाई का जिम्मा बिहार स्टेट टेक्स्ट बुक पब्लिलिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड कंपनी को सौंपा था.जिला सर्व शिक्षा अभियान के प्रमुख के यूके सिंह ने कहा कि यह प्रकाशक और प्रिंटर की ओर से एक गलती है.

पटना, 24 जूनःबिहार के सरकारी स्‍कूलों में शिक्षा का स्तर तो हमेशा ही सवालों के घेरे में रहता है. इस बार सवाल यहां के स्‍कूलों में पढ़ाई जाने वाली किताब पर उठा है. सरकार ने तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों के लिए किताब की छपाई का जिम्मा बिहार स्टेट टेक्स्ट बुक पब्लिलिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड कंपनी को सौंपा था. किताबों को छापने के दौरान ऐसी लापरवारी बरती गई कि किताब में गलत रंग का झंडा छपा है और साथ इसी रंग में सारी किताबें की छपाई कर दी गई है.

बताया जाता है ये किताबें बाजार में आ गई और लोगों ने खरीदना भी शुरू कर दिया. इसकी जानकारी जब शिक्षा विभाग को लगी तो विभाग ने आनन-फानन में सभी शिक्षा पदाधिकारियों को इसकी सूचना दी और किताबों को नहीं बांटने का निर्देश दिया गया. किताब की जांच में पाया गया कि कक्षा तीन के पर्यावरण और हम के अंतिम पेज पर राष्ट्र गान के साथ राष्ट्रीय ध्वज का रंग ही बदला हुआ है. हैरानी की बात ये है कि हर साल बड़ी संख्या में किताबों की छपाई की जाती है, लेकिन जब महज तीसरी कक्षा के बच्चों के किताबों में ही राष्ट्रीय ध्वज के बारे में गलत जानकारी दी जाएगी तो बच्चे ना सिर्फ कन्फ्यूजन बल्कि गलत इंफॉर्मेशन का भी शिकार होंगे. 

दरअसल इस कक्षा की किताब में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा को उल्टा छापा गया है. बिहार स्टेट टेक्सट बुक पब्लिशिंग कॉरपोरेशन ने तीसरी कक्षा की हिंदी की किताब में ये लापरवाही की है. किताब में तिरंगा को गलत दर्शाया गया है, जिसमें ध्वज के शीर्ष पर हरे रंग के साथ देखा गया है और नीचे केसरिया रंग छाप दिया है. ये गलती किताब के आखिरी पेज पर की गई है, जिसमें राष्ट्रगान छपा हुआ जिसे उल्टे हाथ की तरफ गलत ढंग से तिरंगा दर्शाया गया है. 

इस बारे में जिला सर्व शिक्षा अभियान के प्रमुख के यूके सिंह ने कहा कि यह प्रकाशक और प्रिंटर की ओर से एक गलती है. संबंधित अधिकारियों को गलत किताबें वापस पाने और सही प्रदान करने के लिए निर्देश दे दिए गए हैं. वहीं, इस बारे में प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक अरुण कुमार चौधरी ने बताया गया कि बैक कवर पर लिखे गए राष्ट्रगान के शब्दों में भी गलती देखी गई. चौधरी के अनुसार 'हिंदी' अक्षर के ऊपर एक डॉट, जिसे अनुस्वार कहा जाता है. वह नहीं लगाया है. अनुस्वार का प्रयोग अक्षरों के बीच में- एम या एन की ध्वनि को प्रस्तुत करने के लिए किया जाता है.

टॅग्स :बिहारएजुकेशन
Open in App

संबंधित खबरें

भारततख्त श्री पटना साहिब गुरुद्वारे में माथा टेकने पटना पहुंचे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केन्द्र सरकार और भाजपा पर बोला तीखा हमला

भारतबिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की उद्योगपतियों को बिहार वापस आने और प्रदेश में ही उद्योग लगाने की अपील

भारतबिहार में पिछले एक माह में 8 हजार 681 बच्चों के गायब होने की बात आई सामने, 85 प्रतिशत संख्या लड़कियां हुईं गायब

स्वास्थ्यबिहार में हर साल कैंसर से 80000 मौत?, प्रतिवर्ष 1.20 लाख नए रोगी, देश में चौथे स्थान पर बिहार, आईजीआईएमएस रिपोर्ट में खुलासा?

भारतNEET exam cancelled 2026: नीट परीक्षा में अत्यंत शर्मनाक बर्ताव!

पाठशाला अधिक खबरें

पाठशालास्प्रिंगर नेचर ने ICSSR, दिल्ली में 'इंडिया रिसर्च टूर' के तीसरे संस्करण को दिखाई हरी झंडी

पाठशालापढ़ाई पर है पूरा ज़ोर, नहीं रहेगा बच्चा कमजोर

पाठशालासत्यार्थी समर स्कूल: 11 देशों के प्रतिभागियों ने किया दिल्ली और राजस्थान आश्रम का दौरा

पाठशालाJEE Advanced: मन में है विश्वास हम होंगे कामयाब?, लगन और जुनून तो मंज़िल मुश्किल नहीं

पाठशालारूस-यूक्रेन के डर के बीच किर्गिस्तान में मेडिकल पढ़ाई को मिल रहा नया ठिकाना