लाइव न्यूज़ :

चाय बोर्ड को नियामक नहीं, बल्कि संवर्धन निकाय होना चाहिए: बेजबरुआ

By भाषा | Updated: August 26, 2021 15:29 IST

Open in App

चाय बोर्ड के अध्यक्ष पी के बेजबोरुआ ने गुरुवार को कहा कि इस सांविधिक निकाय को नियामक की जगह संवर्धन और विपणन संगठन के रूप में अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। बेजबरुआ ने कहा कि उदारीकरण के मौजूदा परिदृश्य को देखते हुए 1953 के चाय अधिनियम के कुछ वर्गों को हटाने से जमीन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने सरकार द्वारा कानून की कुछ धाराओं को निलंबित करने के बारे में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि चाय बोर्ड को वर्तमान उदारीकृत वातावरण में नियामक के बजाय एक संवर्धन और विपणन निकाय के रूप में होना चाहिए।’’ वाणिज्य मंत्रालय ने 23 अगस्त 2021 को एक अधिसूचना में कहा कि कानून की धारा 12 से 16, धारा 39 और 40 तत्काल प्रभाव से निलंबित रहेंगी। बेजबरुआ ने कहा कि इसका मतलब है कि अब फसल लगाने के लिए चाय बोर्ड से इजाजत की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि पिछले 30 वर्षों से छोटे चाय उत्पादकों ने चाय बोर्ड से इजाजत नहीं ली, और वे कुल उत्पादन में 50 प्रतिशत से अधिक का योगदान करते हैं। इसलिए इस फैसले का जमीन पर कोई प्रभाव नहीं होगा।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतअसम टी की कीमत ने बनाया नया रिकॉर्ड, एक किलो की कीमत जानकर उड़ जाएंगे होश

कारोबार अधिक खबरें

कारोबार12 ज्योतिर्लिंगों में से एक भीमाशंकर मंदिर पर खर्च होंगे 172.22 करोड़ रुपये, महाराष्ट्र सरकार ने 6 तीर्थ और विरासत स्थलों के लिए 993 करोड़ रुपये मंजूर

कारोबारGold Price Today: सोने का भाव आज का 18 मई 2026, जानें दिल्ली, मुंबई समेत बड़े शहरों में सोने की कीमत

कारोबार₹6 ट्रिलियन का नुकसान! सेंसेक्स में 833.20 अंक की गिरावट, क्रूड का भाव 111.2 डॉलर प्रति बैरल

कारोबारऊर्जा संकट और बढ़ते विदेशी मुद्रा संकटः मितव्ययिता की शुरुआत तो बहुत पहले ही हो जानी चाहिए थी!

कारोबारघरों की ‘होम मिनिस्टर’ पर बचत की जिम्मेदारी?, पीएम मोदी की ‘बचत और आत्मनिर्भरता’ की अपील?