लाइव न्यूज़ :

कश्मीर में अभी भी बंद 25 प्रमुख पर्यटन स्थल?, आखिर क्यों, बाट जोह रहे लाखों टूरिस्ट

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: February 5, 2026 14:33 IST

पिछले साल ही 14 जून को 16 पर्यटनस्थलों को कुछ प्रतिबंधों के साथ खोला तो गया पर वह पर्यटकों को कश्मीर की।

Open in App
ठळक मुद्देपर्यटनस्थलों को खोलने का आग्रह तो कर रहे हैं पर साथ ही वे नाउम्मीद भी दिखते थे।25 प्रमुख वे पर्यटनस्थल बंद पड़े हुए हैं जो अतीत में लाखों टूरिस्टों को अपनी ओर खींच लाते रहे थे। आतंकवादियों की मौजूदगी पर सवाल उठाते हुए कह चुके हैं कि आतंकवाद की घटनाएं अभी भी हो रही हैं।

जम्मूः मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के जम्मू कश्मीर के दौरे के दौरान प्रदेश में अभी भी बंद पड़े हुए दो दर्जन से ज्यादा प्रमुख पर्यटनस्थलों को फिर से खोलने का आग्रह करने वाले हैं पर उन्हें भी इनके जल्द खुलने की उम्मीद इसलिए नहीं है क्योंकि वे आप प्रदेश में आतंकवाद और आतंकियों की मौजूदगी पर सवाल उठाने लगे हैं। पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में बैसरन वैली में आतंकियों के एक सबसे बड़े हमले में 26 पर्यकों को मौत के घाट उतार दिया था। उसके उपरांत केंद्र सरकार ने आनन फानन में प्रदेश सरकार की सलाह के बिना ही 48 प्रमुख पर्यटनस्थलों को पर्यटकों के लिए प्रतिबंधित कर दिया था। बाद में हालात में सुधार का दावा करते हुए पिछले साल ही 14 जून को 16 पर्यटनस्थलों को कुछ प्रतिबंधों के साथ खोला तो गया पर वह पर्यटकों को कश्मीर की।

खींच पाने में नाकाम रहे थे क्योंकि जिन पर्यटनस्थलों को खोला गया था वे इतने आकर्षित नहीं थे। फिर इसी क्रम में अढ़ाई महीनों के उपरांत उप राज्यपाल ने केंद्र की अनुमति पर 7 और पर्यटनस्थलों को 29 सितम्बर को खोला तो कश्मीरियों में कुछ जान आ गई। पर अभी भी 25 प्रमुख वे पर्यटनस्थल बंद पड़े हुए हैं जो अतीत में लाखों टूरिस्टों को अपनी ओर खींच लाते रहे थे।

इसे सभी मानते हैं कि इन पर्यटकस्थलों को खोले जाने के बाद ही कश्मीर का पर्यटन फिर से उसी रफ्तार से दौड़ेगा जिसकी चाह सभी को है। यही कारण था कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला अमित शाह के प्रदेश के दौरे का फायदा उठाते हुए इन पर्यटनस्थलों को खोलने का आग्रह तो कर रहे हैं पर साथ ही वे नाउम्मीद भी दिखते थे।

दरअसल सबकी चिंता अभी भी प्रदेशमें फैले आतंकवाद और आतंकियों की मौजूदगी थी। आतंकवाद का जिक्र करते हुए, मुख्यमंत्री उमर अब्दुलला खुद इसके प्रति चिंता प्रकट कर चुके हैं। वे केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवादियों की मौजूदगी पर सवाल उठाते हुए कह चुके हैं कि आतंकवाद की घटनाएं अभी भी हो रही हैं।

उधमपुर जिले में एक एनकाउंटर में दो आतंकवादियों के मारे जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कल ही मुख्यमंत्री  उमर ने कहा था कि सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों को मार गिराया है, लेकिन कई सवालों के जवाब अभी भी बाकी हैं। उन्होंने कहा था वे मारे गए, लेकिन वे कहां से आए थे? वे उधमपुर कैसे पहुचे? वे वहां कब से थे, और यह कब तक चलेगा? हमें बताया गया था कि 2019 के बाद यह मूवमेंट रुक जाएगा,

लेकिन अब 2026 है और यह रुका नहीं है। उमर ने कहा था कि ऐसी घटनाएं अब उन इलाकों से भी रिपोर्ट हो रही हैं जो पहले आतंकवाद से मुक्त थे। उनका कहना था कि ये घटनाएं अब उन इलाकों में हो रही हैं जो 2014-15 से पहले आतंकवाद से पूरी तरह मुक्त थे। हमें इन सवालों के जवाब चाहिए।

तो ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह था कि अगर सारे पर्यटनस्थल खोल भी दिए जाएं तो पर्यटकों की सुरक्षा कैसे हो पाएगी क्योंकि जो पर्यटनस्थल अभी भी बंद हैं वहां आतंकियों की मौजूदगी की खबरें हैं और सुरक्षाधिकारी कहते हैं कि चप्पे चप्पे पर पर्यटकों को सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई जा सकती हैै।

टॅग्स :जम्मू कश्मीरपर्यटन
Open in App

संबंधित खबरें

भारतजमानत नियम और जेल अपवाद, यूएपीए मामले में भी यही नियम?, सुप्रीम कोर्ट ने हंदवाड़ा निवासी सैयद इफ्तिखार अंद्राबी को दी राहत, पासपोर्ट जमा करने और हर 15 दिन में एक बार थाने जाओ?

भारतसुंबली मावस उत्सव: घाटी में गूंजी पुरानी आवाजें, 37 साल बाद कश्मीरी पंडितों ने अपनी मिट्टी को चूमा

क्राइम अलर्टजम्मू-कश्मीर: अपहरण के मामलों में 50% की कमी, लेकिन शून्य पर पहुंचना अभी बाकी

भारतचौंकाने वाला आंकड़ा: कश्मीर में कुत्तों से आगे निकलीं बिल्लियां, 85,000 से ज़्यादा लोग हुए शिकार

भारत3 हजार करोड़ का सवाल है रे बाबा! कश्मीर में शराबबंदी पर छिड़ी बड़ी बहस

कारोबार अधिक खबरें

कारोबार12 ज्योतिर्लिंगों में से एक भीमाशंकर मंदिर पर खर्च होंगे 172.22 करोड़ रुपये, महाराष्ट्र सरकार ने 6 तीर्थ और विरासत स्थलों के लिए 993 करोड़ रुपये मंजूर

कारोबारGold Price Today: सोने का भाव आज का 18 मई 2026, जानें दिल्ली, मुंबई समेत बड़े शहरों में सोने की कीमत

कारोबार₹6 ट्रिलियन का नुकसान! सेंसेक्स में 833.20 अंक की गिरावट, क्रूड का भाव 111.2 डॉलर प्रति बैरल

कारोबारऊर्जा संकट और बढ़ते विदेशी मुद्रा संकटः मितव्ययिता की शुरुआत तो बहुत पहले ही हो जानी चाहिए थी!

कारोबारघरों की ‘होम मिनिस्टर’ पर बचत की जिम्मेदारी?, पीएम मोदी की ‘बचत और आत्मनिर्भरता’ की अपील?