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उद्योग जगत ने ब्याज दरों को यथावत रखने के रिजर्व बैंक के फैसले का स्वागत किया

By भाषा | Updated: October 8, 2021 16:52 IST

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नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर भारतीय उद्योग जगत ने शुक्रवार को कहा कि अपने नरम रुख को जारी रखते हुए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का रिजर्व बैंक का फैसला अर्थव्यवस्था में असमान सुधार को देखते हुए उठाया गया एक विवेकपूर्ण कदम है।

केंद्रीय बैंक ने शुक्रवार को ब्याज दरों को रिकॉर्ड निचले स्तर पर अपरिवर्तित रखा, लेकिन महामारी के दौरान किए गए प्रोत्साहन उपायों को वापस लेने की शुरुआत का संकेत दिया।

उद्योग संगठन भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि हाल ही में वृद्धि के कई हिस्सों में सुधार के उत्साहजनक संकेत देखे गए हैं और "हम रिजर्व बैंक की इस बात से सहमत है कि वृद्धि में सुधार की मौजूदा प्रक्रिया को नीति के जरिये लगातार मदद की जरूरत होगी, भले ही मुद्रास्फीति का रास्ता उम्मीद के उलट ज्यादा अनुकूल हो गया है।"

उद्योग संगठन पीएचडीसीसीआई ने कहा कि केंद्रीय बैंक के नीतिगत रुख से खपत बढ़ेगी और आर्थिक सुधार मजबूत होगा।

पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के अध्यक्ष प्रदीप मुल्तानी ने कहा, "रिजर्व बैंक द्वारा प्रमुख नीतिगत दरों में यथास्थिति बनाए रखने से खपत और उत्पादन संभावनाओं में वृद्धि के साथ आर्थिक सुधार मजबूत होगा।"

उन्होंने कहा कि इस समय इस नीतिगत रुख से कारोबार की धारणा को और बढ़ावा मिलेगा तथा चालू वित्त वर्ष 2021-22 में दोहरे अंक की जीडीपी वृद्धि का रास्ता साफ होगा।

एसोचैम ने भी कहा कि केंद्रीय बैंक ने एक ऐसी अर्थव्यवस्था के लिए मददगार ब्याज दरों को जारी रखने से जुड़ी देश की विशिष्ट जरूरतों का समझदारी से जवाब दिया है जो अब भी पूरा तरह से पटरी पर नहीं लौटी है।

उद्योग संगठन ने कहा, “रिजर्व बैंक का आकलन काफी हद तक सही है और वित्त वर्ष 2021-22 के लिए जीडीपी वृद्धि दोहरे अंकों तक भी पहुंच सकती है, और ऐसा मांग के जोर पकड़ने से होगा जैसा कि देखा भी जा रहा है,"

फिक्की ने कहा कि नीतिगत रुख उम्मीदों के अनुसार है और इसमें हैरान करने वाली कोई बात नहीं है।

उसने कहा, "हमें रिजर्व बैंक के संतुलित दृष्टिकोण पर ध्यान देना चाहिए जिसमें वृद्धि पर उचित ध्यान दिया जाना जारी है। ऐसे में जब हम सुधार के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं, जब तक वृद्धि को एक मजबूत आधार नहीं मिलता, तब तक सभी चैनलों से मदद की जरूरत होगी। रिजर्व बैंक ने पर्याप्त तरलता बनाए रखी है और हम ऐसे कदम देख रहे हैं जिन्हें स्थिति के सामान्य होने की दिशा में बढ़ाया गया है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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