लाइव न्यूज़ :

8 डैम बनेंगे पर्यटक स्थल, प्राकृतिक सुंदरता के साथ तस्वीरें क्लिक करेंगे लोग?, नीतीश सरकार का बड़ा फैसला, देखिए लिस्ट

By एस पी सिन्हा | Updated: February 17, 2026 15:41 IST

Bihar Dam Tourism: मुंगेर की खड़गपुर झील, जमुई का कुंडघाट एवं गरही (अपर किउल) जलाशय, लखीसराय का मोरवे जलाशय तथा बांका का ओढ़नी एवं फुलवरिया डैम शामिल हैं।

Open in App
ठळक मुद्देBihar Dam Tourism: कैमूर का दुर्गावती जलाशय, पश्चिम चंपारण का वाल्मीकिनगर बराज और राजगीर का गंगाजी राजगृह जलाशय प्रमुख हैं।Bihar Dam Tourism: जल संसाधन विभाग को इस मिशन का नोडल विभाग बनाया गया है।Bihar Dam Tourism: मानचित्र पर एक सशक्त पहचान दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

पटनाः बिहार में नीतीश सरकार ने राज्य की जल संपदा को पर्यटन के नए क्षितिज से जोड़ने का निर्णय लिया है। जल संसाधन विभाग ने राज्य के आठ प्रमुख बांध स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कदम केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की राष्ट्रीय नीति के अनुरूप उठाया गया है, जिसका उद्देश्य बांधों के आसपास की प्राकृतिक सुंदरता को निखार कर उन्हें पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनाना है। नीतीश सरकार ने जिन स्थलों को इस परियोजना के लिए चुना है, उनमें कैमूर का दुर्गावती जलाशय, पश्चिम चंपारण का वाल्मीकिनगर बराज और राजगीर का गंगाजी राजगृह जलाशय प्रमुख हैं। इनके अलावा मुंगेर की खड़गपुर झील, जमुई का कुंडघाट एवं गरही (अपर किउल) जलाशय, लखीसराय का मोरवे जलाशय तथा बांका का ओढ़नी एवं फुलवरिया डैम शामिल हैं।

इन क्षेत्रों को इको-फ्रेंडली बुनियादी ढांचे के साथ सुसज्जित किया जाएगा ताकि पर्यटक प्रकृति के करीब रहकर सुकून के पल बिता सकें। परियोजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय संचालन समिति का गठन किया गया है। जल संसाधन विभाग को इस मिशन का नोडल विभाग बनाया गया है।

इस समिति में पर्यटन, वन एवं जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा, गृह और कला-संस्कृति जैसे कई महत्वपूर्ण विभागों को शामिल किया गया है। यह अंतर-विभागीय तालमेल सुनिश्चित करेगा कि बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, सुरक्षा और बिजली का विकास तेजी से हो सके। इस पहल का सबसे बड़ा लाभ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा।

जलाशयों के विकसित होने से न केवल जल-आधारित पर्यटन गतिविधियों (जैसे नौकायन और वाटर स्पोर्ट्स) को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। सरकार की योजना स्थानीय लोगों को इस पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा बनाने की है, जिससे ग्रामीण पर्यटन को एक नई दिशा मिलेगी और बिहार के हस्तशिल्प व व्यंजनों को भी मंच मिलेगा। यह रणनीतिक निवेश बिहार को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक सशक्त पहचान दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

राष्ट्रीय नीति के तहत यहां पर्यावरण संरक्षण और बांध की संरचनात्मक सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इस पहल से न केवल बिहार के भीतर पर्यटन को गति मिलेगी, बल्कि पड़ोसी राज्यों और विदेशी पर्यटकों को भी बिहार की प्राकृतिक विविधता की ओर आकर्षित करने में मदद मिलेगी।

टॅग्स :बिहारपर्यटननीतीश कुमार
Open in App

संबंधित खबरें

भारततख्त श्री पटना साहिब गुरुद्वारे में माथा टेकने पटना पहुंचे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केन्द्र सरकार और भाजपा पर बोला तीखा हमला

भारतबिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की उद्योगपतियों को बिहार वापस आने और प्रदेश में ही उद्योग लगाने की अपील

भारतबिहार में पिछले एक माह में 8 हजार 681 बच्चों के गायब होने की बात आई सामने, 85 प्रतिशत संख्या लड़कियां हुईं गायब

स्वास्थ्यबिहार में हर साल कैंसर से 80000 मौत?, प्रतिवर्ष 1.20 लाख नए रोगी, देश में चौथे स्थान पर बिहार, आईजीआईएमएस रिपोर्ट में खुलासा?

भारतNEET exam cancelled 2026: नीट परीक्षा में अत्यंत शर्मनाक बर्ताव!

कारोबार अधिक खबरें

कारोबार12 ज्योतिर्लिंगों में से एक भीमाशंकर मंदिर पर खर्च होंगे 172.22 करोड़ रुपये, महाराष्ट्र सरकार ने 6 तीर्थ और विरासत स्थलों के लिए 993 करोड़ रुपये मंजूर

कारोबारGold Price Today: सोने का भाव आज का 18 मई 2026, जानें दिल्ली, मुंबई समेत बड़े शहरों में सोने की कीमत

कारोबार₹6 ट्रिलियन का नुकसान! सेंसेक्स में 833.20 अंक की गिरावट, क्रूड का भाव 111.2 डॉलर प्रति बैरल

कारोबारऊर्जा संकट और बढ़ते विदेशी मुद्रा संकटः मितव्ययिता की शुरुआत तो बहुत पहले ही हो जानी चाहिए थी!

कारोबारघरों की ‘होम मिनिस्टर’ पर बचत की जिम्मेदारी?, पीएम मोदी की ‘बचत और आत्मनिर्भरता’ की अपील?